USA income viral: अमेरिका में घास काटने वाले की सैलरी 15 लाख! भारतीय व्लॉगर ने ऑडी कार दिखाकर किया हैरान करने वाला दावा
Jun 18, 2026 6:28 PM
सपनों के देश अमेरिका को लेकर भारत के मध्यमवर्ग में हमेशा से एक अलग तरह का आकर्षण रहा है। लेकिन हाल ही में भारतीय व्लॉगर ईश्वर यादव ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया, जिसने लोगों को अमीर बनने के बिल्कुल नए और जुदा समीकरण समझा दिए। आमतौर पर माना जाता है कि विदेशों में सिर्फ आईटी प्रोफेशनल्स, डॉक्टर्स या बड़ी कंपनियों के मैनेजर ही आलीशान जिंदगी जीते हैं। लेकिन ईश्वर ने अपने वीडियो में दावा किया कि अमेरिका में शारीरिक श्रम यानी 'ब्लू-कॉलर' जॉब करने वाले लोग भी इतनी तगड़ी कमाई कर लेते हैं कि उनके ठाट किसी कॉर्पोरेट अफसर से कम नहीं होते।
15 लाख महीना और दरवाजे पर खड़ी ऑडी; व्लॉगर का हैरान करने वाला दावा
इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल हो रही इस क्लिप में ईश्वर यादव अमेरिका के एक रिहायशी इलाके में खड़े नजर आ रहे हैं। वे वहां के कामकाजी माहौल पर चर्चा करते हुए कहते हैं कि यहां भारत की तरह किसी काम को छोटा या बड़ा मानकर आंका नहीं जाता। इसी दौरान वे एक ऐसे शख्स का जिक्र करते हैं जो घरों के बाहर लॉन की घास काटने और मेंटेनेंस का काम करता है। ईश्वर ने कैमरा घुमाकर सड़क किनारे खड़ी एक चमचमाती ऑडी कार दिखाई और दावा किया कि घास काटने वाले इस साधारण से मजदूर की मासिक कमाई भारतीय रुपए में करीब 10 से 15 लाख रुपये के बीच है और यह लग्जरी गाड़ी उसी की है।
काम की इज्जत बनाम भारत की जमीनी हकीकत
ईश्वर का कहना था कि उनका मकसद भारत और अमेरिका की व्यवस्थाओं में कोई नकारात्मक तुलना करना नहीं है, बल्कि वे दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि मेहनत और समय की असली कीमत क्या होती है। अमेरिका में प्रति घंटे (Hourly Wages) के हिसाब से जो न्यूनतम वेतन तय है, वह कुशल और अकुशल दोनों ही तरह के मजदूरों को एक सम्मानजनक जीवन स्तर देने के लिए काफी है। भारत में जहां साफ-सफाई या बागवानी करने वालों को बेहद मामूली वेतन पर गुजारा करना पड़ता है, वहीं पश्चिम का यह 'डिग्निटी ऑफ लेबर' मॉडल भारतीय युवाओं को काफी आकर्षित कर रहा है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी 'डॉलर वर्सेस टैक्स' की जंग; यूजर्स ने दिखाई दूसरी तस्वीर
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट के एल्गोरिदम पर दौड़ा, कमेंट सेक्शन रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। रील की चकाचौंध देखकर कई युवाओं ने तो तुरंत अमेरिका जाने का वीजा प्रोसेस और वहां काम ढूंढने के तरीके पूछना शुरू कर दिया। लेकिन इसी बीच, अमेरिका में रह रहे कई अन्य प्रवासी भारतीयों (NRIs) ने इस दावे की हवा निकालते हुए सिक्के का दूसरा पहलू भी सामने रखा।
एक यूजर ने तार्किक रूप से घेरते हुए लिखा, "वीडियो में सिर्फ चमकता हुआ पहलू दिखाया गया है, जो बेहद भ्रामक है। 15 लाख रुपये की कमाई सुनकर जो लोग उछल रहे हैं, वे शायद यह भूल गए कि वहां आधी कमाई टैक्स, महंगे घर के किराए, हेल्थ इंश्योरेंस और कार की किश्तों में ही निकल जाती है।" वहीं अन्य यूजर्स ने कहा कि ग्रीन कार्ड या लीगल वर्क वीजा के बिना अमेरिका में टिकना और नई जिंदगी शुरू करना किसी बुरे सपने जैसा है।