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पंचकूला के गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब पहुंच राज्यपाल कटारिया ने टेका माथ, गुरु अर्जन देव जी शहीदी गुरुपर्व पर की अरदास

Jun 18, 2026 5:23 PM

पंचकूला: पंचकूला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब में पांचवें सिख गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर माथा टेका और गुरु साहिब को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने देश, प्रदेश और समूची मानवता के कल्याण, शांति और खुशहाली के लिए अरदास भी की। राज्यपाल ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन और उनका बलिदान मानवता के इतिहास में प्रेरणा का महान स्रोत है। उन्होंने सत्य, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा।

मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता के प्रतीक थे गुरु अर्जन देव जी

गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने अपने जीवन के माध्यम से सेवा, त्याग, धैर्य और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश दिया। उनका जीवन केवल सिख समुदाय ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज को आपसी भाईचारे और सद्भाव की आवश्यकता है, तब गुरु साहिब की शिक्षाएं पहले से अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, शांति और एकता को मजबूत किया जा सकता है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु अर्जन Dev जी ने सिख इतिहास में एक ऐतिहासिक कार्य करते हुए आदि ग्रंथ का संकलन किया था। इस ग्रंथ में पहले पांच सिख गुरुओं की वाणी के साथ विभिन्न संतों, भक्तों और भट्टों की रचनाओं को भी स्थान दिया गया। उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ केवल धार्मिक पुस्तक नहीं बल्कि मानवता को समानता, एकता, भाईचारे और आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश देने वाला अमूल्य खजाना है। इसकी शिक्षाएं आज भी करोड़ों लोगों को जीवन में सही दिशा प्रदान कर रही हैं।

कटारिया ने कहा कि बाद में दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की वाणी को शामिल कर इस ग्रंथ को अंतिम स्वरूप प्रदान किया। इसके बाद इसे श्री गुरु ग्रंथ साहिब के रूप में स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब आज भी दुनिया भर के लोगों को सत्य, सेवा, शांति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसकी शिक्षाएं समय और परिस्थितियों से परे मानव कल्याण का संदेश देती हैं।

श्रद्धालुओं ने कीर्तन और अरदास में लिया हिस्सा

शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कीर्तन, पाठ और अरदास में भाग लिया। गुरुद्वारा परिसर में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।

राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने लोगों से अपील की कि वे गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, सेवा, भाईचारा और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के आदर्शों पर चलकर ही एक बेहतर, शांतिपूर्ण और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है। शहीदी गुरुपर्व हमें मानवता की सेवा और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

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