सिखों की पहली राजधानी यमुनानगर में 100 करोड़ से बन रहा बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक
Apr 30, 2026 2:46 PM
यमुनानगर। हरियाणा का यमुनानगर जिला जल्द ही एक ऐसे ऐतिहासिक केंद्र के रूप में उभरने वाला है, जो सिखों के शौर्य और बलिदान की दास्तां को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। सिखों की पहली राजधानी रहे 'लोहगढ़' में बाबा बंदा सिंह बहादुर की स्मृति में एक विशाल स्मारक बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन और पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने अधिकारियों की पूरी टीम के साथ निर्माण स्थल का दौरा किया।
किला, संग्रहालय और अत्याधुनिक थिएटर: क्या है योजना?
निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कंवरपाल गुर्जर ने बताया कि यह राज्य सरकार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। कुल 100 करोड़ रुपये की इस योजना में प्रथम चरण का काम शुरू हो चुका है, जिस पर करीब 29 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इस स्मारक की खासियत यह होगी कि इसे पुराने ऐतिहासिक किले के स्वरूप में ढाला जा रहा है। इसमें न केवल एक भव्य प्रवेश द्वार और किलेनुमा दीवारें होंगी, बल्कि एक आधुनिक थिएटर का निर्माण भी किया जाएगा। इस थिएटर में लाइट एंड साउंड शो के जरिए बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन और उनके संघर्षों को दिखाया जाएगा। साथ ही, एक संग्रहालय (म्यूजियम) भी बनाया जाएगा जहां उस कालखंड के हथियार और दुर्लभ वस्तुओं को सुरक्षित रखा जाएगा।
पर्यटन और प्रकृति का अनूठा संगम
कंवरपाल गुर्जर ने जोर देकर कहा कि लोहगढ़ का यह इलाका हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। स्मारक बनने से न केवल यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
सियासी भविष्यवाणियां और चुनाव पर चर्चा
दौरे के दौरान पूर्व मंत्री ने राजनीतिक विषयों पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की सरकार बनने जा रही है और देश भर में पार्टी को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। वहीं, पंचकूला निगम चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि श्यामलाल बंसल वहां ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगे और उनकी जीत का अंतर 30 हजार से भी अधिक मतों का होगा।