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28 दिन से ठप है दमकल सेवाएं: यमुनानगर में कर्मचारियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल

May 06, 2026 1:58 PM

यमुनानगर। हरियाणा में आग से खेलने वाले दमकल कर्मियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के आंदोलन को आज 28 दिन पूरे हो गए हैं। यमुनानगर में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब लंबी चलेगी। दमकल यूनियन ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को आगामी 10 मई तक बढ़ाने का औपचारिक ऐलान कर दिया है, जिससे न केवल प्रशासन बल्कि आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं गहरा गई हैं।

'अदालत के आदेश भी रद्दी की टोकरी में', सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

हरियाणा दमकल विभाग यूनियन के महासचिव गुलशन भारद्वाज ने सीधे तौर पर सरकार की नियत पर सवाल खड़े किए हैं। भारद्वाज का कहना है कि जो कर्मचारी पिछले 10 सालों से विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें नियमित करने की फाइलें धूल फांक रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में उच्च न्यायालय के निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं ले रही है। इसके अलावा, पे-रोल पर काम कर रहे कर्मियों के वेतन में लंबे समय से एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई है, जबकि वे हर दिन जान जोखिम में डालकर अपना फर्ज निभाते हैं।

कालका अग्निकांड के जख्म अभी हरे, मुआवजे और सम्मान की पुकार

आंदोलनकारियों ने कालका में हुई भीषण आगजनी की घटना को याद करते हुए सरकार की संवेदनहीनता पर प्रहार किया। यूनियन की मांग है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दमकल कर्मियों को 'शहीद' का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी शहादत को सम्मान और परिवार को सुरक्षा नहीं मिलती, वे चैन से नहीं बैठेंगे।

अब 10 मई तक का 'अल्टीमेटम', अनिश्चितकालीन हड़ताल की आहट

लगातार बढ़ रही गर्मी के सीजन में दमकल विभाग की यह हड़ताल किसी बड़ी आपदा को न्योता दे सकती है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उन्होंने 10 मई तक का समय सरकार को दिया है। यदि इस बीच मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बनी, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल, दमकल केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है और कर्मचारी सड़कों पर नारेबाजी कर रहे हैं। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह बातचीत का रास्ता चुनती है या फिर इस गतिरोध को और लंबा खींचती है।

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