यमुनानगर में सीएम फ्लाइंग की 'सर्जिकल स्ट्राइक': तड़के 4 बजे पकड़े गए अवैध खनन के वाहन
Apr 23, 2026 1:56 PM
यमुनानगर। यमुनानगर की सड़कों पर गुरुवार की सुबह आम दिनों जैसी नहीं थी। अवैध खनन और ओवरलोडिंग के सिंडिकेट को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री उड़न दस्ता, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (RTA) और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने तड़के 4 बजे एक साथ कई मोर्चों पर धावा बोल दिया। अचानक हुई इस छापेमारी से ट्रक चालकों और खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। आलम यह था कि पुलिस की गाड़ियां देखकर कई चालक अपने भारी-भरकम वाहन रास्तों में ही छोड़कर भागने लगे, तो कुछ ने पकड़े जाने के डर से रूट बदलने की नाकाम कोशिश की।
बिना ट्रांजिट पास के हो रही थी 'आवक', सरकार को लग रहा था चूना
सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि विभाग को लगातार गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि पड़ोसी राज्यों से खनन सामग्री से लदे ट्रक बिना जरूरी दस्तावेज़ों के हरियाणा की सीमा में दाखिल हो रहे हैं। नियमों के मुताबिक, दूसरे राज्यों से आने वाली माइनिंग सामग्री पर प्रति टन 80 रुपये का इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है। लेकिन टैक्स चोरी और अधिक मुनाफे के चक्कर में कई ट्रांसपोर्टर बिना पास और ओवरलोड गाड़ियां चलाकर सरकारी राजस्व को मोटा चूना लगा रहे थे।
25 वाहनों की हुई रैंडम चेकिंग, तीन ओवरलोड ट्रक जब्त
करीब चार घंटे तक चले इस 'हाई-वोल्टेज' ऑपरेशन के दौरान टीम ने 25 संदिग्ध वाहनों को रोककर उनके कागजातों की बारीकी से पड़ताल की। आरटीए विभाग के एडीटीओ गुरप्रीत सिंह संधू और माइनिंग इंस्पेक्टर अतुल की मौजूदगी में हुई इस जांच में तीन ट्रक ऐसे मिले, जो न केवल ओवरलोड थे, बल्कि उनमें लदा लाइमस्टोन बिना किसी वैध परमिट के लाया जा रहा था। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन तीनों वाहनों को इमली खेड़ा चौकी में ले जाकर जब्त कर दिया। संबंधित विभागों ने इन पर भारी जुर्माना भी ठोंका है।
"रडार पर हैं नियम तोड़ने वाले": अधिकारियों ने दी दोटूक चेतावनी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह महज एक दिन की कार्रवाई नहीं है। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान अब निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को नसीहत दी है कि वे निर्धारित मानकों का पालन करें और अनिवार्य रूप से आईएसटीपी बनवाएं। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और राजस्व की सुरक्षा के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सीधी जेल और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।