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यमुनानगर में 'नोनी राणा गैंग' की दहशत फैलाने की साजिश का पर्दाफाश, 60 हजार में बिके नौसिखिए शूटर

May 07, 2026 11:52 AM

यमुनानगर।  यमुनानगर के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर को गोलियों से छलनी करने वाले बदमाशों की कहानी अब साफ होने लगी है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में दबोचे गए आरोपी अमन से हुई पूछताछ ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर्स अब पेशेवर अपराधियों के बजाय ऐसे युवकों को निशाना बना रहे हैं, जिनका दामन अब तक साफ था। अमन को महज 60 हजार रुपये का लालच देकर शूटर बनाया गया और उसने अपने साथ गांव के ही दो दोस्तों को इस अपराध की दलदल में खींच लिया। सूत्रों की मानें तो इंस्टाग्राम पर शुरू हुई एक बातचीत ने इन युवाओं को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

सोशल मीडिया बना गैंगस्टर्स का नया रिक्रूटमेंट सेंटर

तफ्तीश में सामने आया है कि गैंगस्टर नोनी राणा गैंग के गुर्गों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम का सहारा लेकर अमन और उसके साथियों से संपर्क साधा था। पहले उन्हें गैंगस्टर लाइफस्टाइल का चश्मा पहनाया गया और फिर पैसों का लालच देकर फायरिंग के स्पष्ट निर्देश दिए गए। पुलिस अब उस 'हैंडलर' की तलाश कर रही है जो पर्दे के पीछे से इन युवकों को मैसेज के जरिए कमांड दे रहा था। पकड़े गए आरोपी का पहले कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड न होना इस बात का सबूत है कि गैंग अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए 'क्लीन प्रोफाइल' वाले लड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मुठभेड़ की रात: सब-इंस्पेक्टर की जैकेट पर लगी गोली, बाल-बाल बची जान

मंगलवार रात सीआईए-2 और थाना छप्पर पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन किसी दूसरी वारदात को अंजाम देने की फिराक में कुलपुर के पास घूम रहा है। पुलिस ने सीलिंग प्लान के तहत नाकाबंदी की तो आरोपी ने अपनी बिना नंबर वाली पल्सर बाइक से भागने की कोशिश की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग झोंक दी। इस दौरान एक गोली सीधे सब-इंस्पेक्टर रोहन की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अमन के बाएं पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की है, जिस पर "गुर्जर" का स्टीकर लगा हुआ है।

रंगदारी या रंजिश? ठगी के एंगल से भी जुड़ रहे हैं तार

डीएसपी रजत गुलिया के नेतृत्व में चल रही इस जांच में एक और दिलचस्प मोड़ आया है। जिस पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर फायरिंग हुई थी, वह खुद भी एक बड़े ठगी के मामले में फरार चल रहा है। ऐसे में पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या यह केवल दहशत फैलाने के लिए की गई फायरिंग थी या फिर इसके पीछे करोड़ों की ठगी और रंगदारी से जुड़ा कोई पुराना हिसाब-किताब है। फिलहाल पुलिस काला राणा और नोनी राणा गैंग के नेटवर्क को खंगाल रही है और फरार साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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