यमुनानगर: कनाडा भेजने के नाम पर 19 लाख की चपत, मोहाली की 'रुद्राक्ष ओवरसीज' पर केस दर्ज
May 11, 2026 2:45 PM
यमुनानगर। विदेश जाकर डॉलर कमाने और बेहतर जिंदगी जीने का सपना एक बार फिर धोखाधड़ी की भेंट चढ़ गया। यमुनानगर के दुरेजा कैंप निवासी सुमित कुमार को कनाडा का वर्क परमिट और पीआर दिलाने का झांसा देकर मोहाली की एक इमिग्रेशन फर्म ने करीब 19 लाख 20 हजार रुपये ठग लिए। शिकायतकर्ता सुमित कुमार के मुताबिक, यह सिलसिला साल 2022 में शुरू हुआ था। उन्होंने फेसबुक पर कनाडा भेजने से संबंधित एक आकर्षक विज्ञापन देखा, जिसके बाद उनकी बातचीत फर्म के संचालक राकेश रिक्खी और उसकी पत्नी प्रभा से हुई। आरोपियों ने बड़ी चतुराई से सुमित को अपने जाल में फंसाया और दावा किया कि वे बहुत ही कम समय में उनका और उनके परिवार का कनाडा का वीजा लगवा देंगे। भरोसे में आकर सुमित मोहाली स्थित उनके दफ्तर पहुंचे, जहां अन्य कर्मचारियों ने भी उन्हें सुनहरे सपने दिखाए।
संपत्ति बेची, पीएफ निकाला, पर नहीं मिला वीजा
जालसाजों ने विदेश भेजने के नाम पर कुल 20 लाख रुपये का खर्च बताया। सुमित ने आरोपियों पर आंख मूंदकर भरोसा किया और अलग-अलग किस्तों में कुल 19 लाख 20 हजार 560 रुपये उनके बताए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। सुमित ने पुलिस को बताया कि यह पैसा उन्होंने अपनी जमीन-जायदाद बेचकर और अपने पीएफ (PF) खाते से निकालकर इकट्ठा किया था। उन्हें उम्मीद थी कि कनाडा जाकर वे सब कुछ ठीक कर लेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
तीन साल तक चलता रहा 'तारीख पर तारीख' का दौर
रकम डकारने के बाद आरोपियों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। जब भी सुमित अपने वीजा का स्टेटस पूछते, तो कभी फाइल प्रोसेस में होने का बहाना बनाया जाता, तो कभी एंबेसी की लंबी प्रक्रिया का हवाला देकर टाल दिया जाता। वक्त गुजरने के साथ आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। तीन साल तक मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद जब सुमित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने साफ इनकार कर दिया।
पुराना है आरोपियों का 'क्राइम रिकॉर्ड'
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि रुद्राक्ष ओवरसीज सॉल्यूशन और इसके संचालकों का धोखाधड़ी से पुराना नाता है। इस फर्म के खिलाफ मोहाली, होशियारपुर, लुधियाना, कुरुक्षेत्र और थाना छप्पर में पहले से ही धोखाधड़ी के सात मामले दर्ज हैं। फिलहाल, शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने सुमित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इमिग्रेशन के नाम पर चल रहे इस बड़े रैकेट की गहराई से जांच की जाएगी।