चरखी दादरी: बीमा राशि के लिए पत्नी ने रचा था 'खूनी खेल', 22 दिन बाद पति प्रदीप ने तोड़ा दम
May 11, 2026 3:32 PM
चरखी दादरी। इंसानी लालच की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन चरखी दादरी के फतेहगढ़ गांव में जो हुआ, उसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया। महज डेढ़ करोड़ रुपये की बीमा राशि पाने के लिए एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की मौत का सौदा कर डाला। करीब तीन सप्ताह पहले हुई इस वारदात में घायल प्रदीप पिछले 22 दिनों से रोहतक पीजीआई में भर्ती थे, लेकिन रविवार सुबह उनकी सांसों की डोर टूट गई। इस मौत के साथ ही अब पुलिस ने मामले को 'हत्या के प्रयास' से बदलकर 'हत्या' की संगीन धाराओं में तब्दील कर दिया है।
20 लाख की सुपारी और 'हादसे' का स्वांग
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं। पुलिस के मुताबिक, फतेहगढ़ निवासी प्रदीप पिछले एक साल से चरखी दादरी की एमएसी कॉलोनी में रह रहे थे। उनकी पत्नी ने बड़ी चालाकी से पहले प्रदीप का भारी-भरकम बीमा करवाया और फिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस काम के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी गई। योजना के तहत प्रदीप को तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवाया गया, ताकि पुलिस और दुनिया की नजरों में यह महज एक 'सड़क हादसा' लगे और बीमा क्लेम आसानी से मिल जाए।
साजिश बेनकाब हुई, पर जिंदगी हार गई
आरोपियों ने सोचा था कि वे कानून की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहेंगे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की मुस्तैदी ने इस 'परफेक्ट मर्डर' की थ्योरी को फेल कर दिया। पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी समेत अन्य आरोपियों को पहले ही दबोच लिया था। हालांकि, घर के आंगन में मौत का तांडव मचाने वाली पत्नी की असली सजा अब शुरू होगी, क्योंकि प्रदीप की मौत के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। रविवार शाम जब प्रदीप का शव गांव फतेहगढ़ पहुंचा, तो पूरे गांव की आंखें नम थीं। देर शाम गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कानून का शिकंजा: एएसआई सुरेंद्र बोले— "अब फांसी के फंदे तक पहुंचेगा मामला"
सदर थाना पुलिस के जांच अधिकारी एएसआई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार को ही बोर्ड की निगरानी में मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले यह मामला धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दर्ज था, लेकिन मौत के बाद अब इसमें धारा 302 (हत्या) जोड़ दी गई है। पुलिस अब चार्जशीट को और मजबूत कर रही है ताकि इस क्रूर कांड के मास्टरमाइंड को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जा सके। इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या दौलत की चमक अपनों के खून से भी ज्यादा कीमती हो गई है?