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यमुनानगर में कर्मचारियों का 'थाली बजाओ' प्रदर्शन, मेयर आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात

May 11, 2026 3:49 PM

यमुनानगर। यमुनानगर में अपनी मांगों को लेकर अड़े सफाई और फायर कर्मचारियों का गुस्सा सोमवार को सातवें आसमान पर नजर आया। नगर पालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने न केवल शहर की सड़कों पर रोष मार्च निकाला, बल्कि मेयर निवास का घेराव कर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। हाथों में थालियां और चम्मच लेकर निकले इन कर्मचारियों ने शोर मचाकर सोए हुए प्रशासन को जगाने की कोशिश की।

कर्मचारियों का यह हुजूम जब नारेबाजी करता हुआ मेयर मदन चौहान के निवास की ओर बढ़ा, तो प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। गांधी नगर और सिटी थाना पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग कर मोर्चा संभाल लिया था। कर्मचारियों ने जब अंदर जाने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। कर्मचारियों में इस बात को लेकर खासा रोष था कि पूर्व सूचना के बावजूद मेयर उनसे मिलने बाहर नहीं आईं। मेयर की अनुपस्थिति में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को मुख्यमंत्री नायब सैनी और राजस्व मंत्री विपुल गोयल तक पहुंचाने की चेतावनी दी।

"हम राजपाट नहीं, अपना हक मांग रहे हैं"

हरियाणा कर्मचारी संघ के कद्दावर नेता गुलशन भारद्वाज ने दो टूक शब्दों में कहा कि कर्मचारी सरकार से कोई खैरात नहीं मांग रहे। उन्होंने कहा, "31 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट और 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सरकार अदालती आदेशों की धज्जियां उड़ा रही है।" फायर कर्मचारियों ने भी अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि पिछले सात सालों से उनके वेतन में एक धेले की बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि काम का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।

गंदगी के ढेर में दबता शहर, महामारी की आहट

हड़ताल का सबसे खौफनाक पहलू अब शहर की सड़कों पर दिखने लगा है। 1 मई से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण यमुनानगर और जगाधरी के कोने-कोने में कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। हजारों टन जमा कचरा अब गलियों से निकलकर मुख्य सड़कों तक आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बदबू के कारण घरों में बैठना मुश्किल है और अगर जल्द सफाई नहीं हुई तो शहर में महामारी फैलने से कोई नहीं रोक पाएगा।

आगामी रणनीति: विधायकों के घरों का होगा घेराव

यूनियन के जिला प्रधान पपला और रोडवेज यूनियन के नेता महिपाल ने साफ कर दिया कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस नीति नहीं बनाई, तो आने वाले दिनों में भाजपा के विधायकों और बड़े नेताओं के आवासों का भी इसी तरह घेराव किया जाएगा। फिलहाल, कर्मचारियों की इस जिद और सरकार की खामोशी के बीच आम जनता गंदगी और अव्यवस्था के दोहरे वार को झेलने को मजबूर है।


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