यमुनानगर पीएनडीटी टीम का बड़ा एक्शन: यूपी में चल रहे लिंग जांच के काले धंधे का भंडाफोड़
May 15, 2026 12:19 PM
यमुनानगर। कोख के कातिलों और भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह के खिलाफ यमुनानगर स्वास्थ्य विभाग ने सीमा पार जाकर एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विपिन गोंदवाल के नेतृत्व में टीम ने एक ऐसा जाल बुना जिसमें उत्तर प्रदेश के शातिर अपराधी खुद ही फंस गए। विभाग को सूचना मिली थी कि यमुनानगर के रास्ते गर्भवती महिलाओं को यूपी ले जाकर अवैध तरीके से लिंग जांच का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इस सूचना को पुख्ता करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक गर्भवती महिला को 'फर्जी ग्राहक' (डिकोय) बनाकर आरोपियों के पास भेजा।
घंटों इंतजार के बाद सहारनपुर के मकान में बुलाई 'अदालत'
आरोपियों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। उन्होंने डिकोय महिला को सीधे यूपी नहीं बुलाया, बल्कि पहले यमुनानगर के पांजूपुर क्षेत्र में घंटों इंतजार कराया ताकि टीम की निगरानी का पता लगाया जा सके। जब उन्हें यकीन हो गया कि रास्ता साफ है, तो वे महिला को सहारनपुर के अंबेटा चांदपुर स्थित एक निजी मकान में ले गए। वहां जांच के नाम पर जो खेल शुरू हुआ, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपियों ने महिला को बताया कि उसके गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं और एक बच्चे का लिंग बताने के बदले 30 हजार रुपये की रकम वसूल ली। दूसरे बच्चे की जानकारी के लिए उन्होंने अलग से नोटों की गड्डियां मांगीं।
पोर्टेबल मशीनों और वाई-फाई डिवाइस से चल रहा था खेल
विभाग की टीम आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने की फिराक में थी। योजना के मुताबिक, महिला को दोबारा देवबंद क्षेत्र के एक अन्य ठिकाने पर ले जाया गया। यहां आरोपियों ने अपनी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन निकाली और टैबलेट व वाई-फाई डिवाइस की मदद से जांच की प्रक्रिया शुरू की। जैसे ही आरोपियों ने गर्भ में लड़का होने की पुष्टि की, पहले से घात लगाकर बैठी पीएनडीटी टीम ने मौके पर धावा बोल दिया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में देवबंद के बंधेड़ा निवासी अजीम और अंबेटा चांदपुर की बीना उर्फ सुमन को गिरफ्तार कर लिया गया।
कानून का शिकंजा और बरामदगी
डॉ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि मौके से न केवल अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद हुई है, बल्कि कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और टैबलेट भी मिले हैं जिनका इस्तेमाल इस गैर-कानूनी काम में किया जा रहा था। पकड़े गए दोनों आरोपी यूपी के रहने वाले हैं और लंबे समय से हरियाणा की महिलाओं को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आज उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस उनकी रिमांड मांगेगी ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क का भी पता लगाया जा सके।