40 दिन का संघर्ष और दर्दनाक अंत; अंबाला के एमएम अस्पताल में बच्ची की मौत पर परिजनों का भारी हंगामा
May 07, 2026 5:43 PM
अंबाला । सद्धोपुर स्थित एमएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक 9 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही के संगीन आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में डेरा डाल दिया। नारायणगढ़ के रायवाली गांव की रहने वाली आकृति, जो तीसरी कक्षा की छात्रा थी, पिछले 40 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही थी, लेकिन मंगलवार (5 मई) को उसने वेंटिलेटर पर दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ की एक तकनीकी चूक ने उनकी बच्ची की जान ली है। गुरुवार सुबह जैसे ही भारी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे, वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद एहतियातन पुलिस बल को भी मौके पर बुलाना पड़ा।
"गले में गलत जगह मार दिया पाइप"— पिता का छलका दर्द
मृतक बच्ची के पिता सतविंद्र ने रुंधे गले से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि करीब 40 दिन पहले आकृति को सांस लेने में तकलीफ के चलते यहां भर्ती कराया गया था। सतविंद्र का आरोप है कि उपचार के दौरान एक रात स्टाफ ने बच्ची के गले में पाइप डालने की कोशिश की, लेकिन लापरवाही के चलते पाइप गलत जगह लग गया।
पिता का दावा है कि इसके बाद बच्ची के गले से खून बहना शुरू हो गया जो बंद ही नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा, "जब डॉक्टरों को बुलाया गया, तब तक आकृति की हालत बहुत बिगड़ चुकी थी। स्टाफ की इसी गलती ने हमारी बच्ची को हमसे छीन लिया।"
पहले भी हुई थी बहस, आश्वासन देकर भेजा था घर
जानकारी के अनुसार, 5 मई को जब बच्ची की मौत हुई थी, उस समय भी परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच तीखी बहस हुई थी। परिजनों का कहना है कि उस वक्त स्टाफ और मैनेजमेंट ने उचित जांच और कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत कर दिया था, लेकिन जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वीरवार को उनका गुस्सा फूट पड़ा।
प्रबंधन ने आरोपों को नकारा, पुलिस जांच में जुटी
दूसरी ओर, एमएम अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्ची की स्थिति पहले से ही नाजुक थी और उसे बचाने के लिए हर संभव चिकित्सकीय प्रयास किए गए थे।
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है और यदि मेडिकल लापरवाही के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, अस्पताल परिसर में पुलिस की तैनाती बनी हुई है और माहौल गमगीन है।