देहरादून न्यूज़: सीएम धामी का पशुपालकों के साथ सीधा संवाद; बद्री घी के जीआई टैग और ट्रॉउट फार्मिंग पर रहा जोर
May 07, 2026 5:59 PM
देहरादून । उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के निरंजनपुर में एक बड़ा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। राज्यभर से आए पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि प्रदेश के मत्स्य सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए 'रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन' को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
आत्मनिर्भर गांव ही विकसित भारत की नींव
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पशुपालन पहाड़ की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए कहा, "जब हमारे गांव का पशुपालक और किसान आर्थिक रूप से सशक्त होगा, तभी 'आत्मनिर्भर भारत' का सपना सच होगा।" उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की जुगलबंदी से 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना', 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' और 'मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन' जैसी योजनाएं धरातल पर बड़ा बदलाव ला रही हैं।
स्वरोजगार का बना बड़ा जरिया
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया कि पिछले चार वर्षों में गौ, बकरी और भेड़ पालन के जरिए साढ़े 11 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार मिला है।
ऋण अनुदान: 'मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन' के तहत लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट: पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल यूनिट्स सक्रिय हैं।
बद्री घी की वैश्विक पहचान: प्रदेश की शान 'बद्री गाय' के घी को देश का पहला जीआई (GI) टैग मिलना राज्य के लिए गौरव की बात है।
मत्स्य क्षेत्र में उत्तराखंड की 'छलांग'
मत्स्य पालन पर विशेष चर्चा करते हुए धामी ने कहा कि उत्तराखंड अब 'हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन' का हब बनने की ओर अग्रसर है।
ट्रॉउट फार्मिंग: पिछले साल 170 करोड़ रुपये की ट्रॉउट प्रोत्साहन योजना शुरू की गई। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में नई हैचरी स्थापित हो रही हैं।
सम्मान: उत्तराखंड का मत्स्य सेक्टर 9 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जिसके लिए भारत सरकार ने इसे हिमालयी राज्यों की श्रेणी में 'श्रेष्ठ मत्स्य राज्य' का सम्मान दिया है।
जमीन से आई सफलता की कहानियां
संवाद के दौरान पशुपालकों ने अपनी कामयाबी के किस्से भी साझा किए:
हरिकिशन लखेड़ा (हरिद्वार): ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना से 50 साहिवाल गायें पाकर अब वे रोज 300 लीटर दूध उत्पादन कर रहे हैं। 8 लोगों को रोजगार देने के साथ उनकी शुद्ध मासिक आय 1.15 लाख रुपये है।
अमित सिंह (डोईवाला): चारे के लिए बनाए गए उनके एफपीओ (FPO) से 386 लोग जुड़े हैं। महज तीन साल में उनका टर्न ओवर 10 करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में 'गोट वैली' जैसे प्रोजेक्ट्स से 5 हजार से ज्यादा लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं और आज राज्य के सभी दुग्ध संघ मुनाफे की स्थिति में हैं।
कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अंथवाल, पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मोघा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।