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कुरुक्षेत्र में 'ट्रांसफार्मर माफिया' ढेर: 83 चोरियों का खुलासा, लोडेड कट्टे के साथ बाइक पर करते थे रेकी

May 07, 2026 5:51 PM

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र पुलिस की सीआईए लाडवा टीम ने खेतों से ट्रांसफार्मर का कीमती सामान उड़ाने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी की कुल 83 गुत्थियों को सुलझाने का दावा किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सलीम (रादौर), प्रवीण कुमार (यमुनानगर) और जिसान (शामली, यूपी) के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि यह गिरोह केवल साधारण चोरों की टोली नहीं थी, बल्कि वारदात के समय ये आरोपी 'ऑन लोड' देसी कट्टे साथ रखते थे ताकि पकड़े जाने की स्थिति में गोली चलाकर फरार हो सकें।

लोडेड हथियार और तांबे का खेल

सीआईए लाडवा के इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि इस गिरोह के मुख्य सरगना आदिल को पुलिस ने दो दिन पहले ही दबोच लिया था। आदिल के पास से दो देसी कट्टे, कारतूस और चोरी में इस्तेमाल की जाने वाली बाइक बरामद हुई थी। आदिल से हुई कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस बाकी तीन आरोपियों तक पहुँचने में कामयाब रही। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 231 किलोग्राम तांबे की तार और लोहे की पत्तियां बरामद की हैं। यह सारा सामान उन ट्रांसफार्मरों का है जिन्हें पिछले एक साल में निशाना बनाया गया था।

वारदात का तरीका: दिन में 'शिकार' की तलाश, रात को 'सफाई'

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। आरोपी दिन के समय मोटरसाइकिल पर सवार होकर लाडवा और बाबैन के ग्रामीण इलाकों में रेकी करते थे। वे उन ट्रांसफार्मरों को चिन्हित करते थे जो आबादी से दूर खेतों में लगे होते थे। जैसे ही रात गहराती, ये आरोपी अपने औजारों और हथियारों के साथ मौके पर पहुँचते। ट्रांसफार्मर से तांबा और अन्य कीमती धातु निकालने के बाद, वे उसी रात सामान को ठिकाने लगाने के लिए उत्तर प्रदेश या आसपास के कबाड़ियों को बेच देते थे। पुलिस अब उन कबाड़ियों की भी तलाश कर रही है जो चोरी का यह माल खरीदते थे।

83 वारदातों से दहशद में थे किसान

वर्ष 2025-26 के दौरान बाबैन और लाडवा क्षेत्र के किसान ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं से बेहद परेशान थे। बार-बार होती इन चोरियों ने न केवल बिजली निगम को आर्थिक चपत लगाई, बल्कि खेती-बाड़ी के सीजन में किसानों की सिंचाई व्यवस्था को भी ठप कर दिया था।

इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया, "आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि वे गिरफ्तारी के डर से हमेशा हथियार लोड रखते थे। फिलहाल आरोपियों का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और इन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि अन्य वारदातों और इनके नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा हो सके।" पुलिस की इस कामयाबी से लाडवा और बाबैन क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, पुलिस ने अभी भी गश्त तेज रखने और संदिग्धों पर नजर रखने की अपील की है।


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