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भाजपा उम्मीदवार के नामांकन पत्र रद्द होने के बाद 'आप' के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष: बरनाला में बाजार बंद कर प्रदर्शन का एलान

May 20, 2026 10:09 AM

बरनाला: बरनाला की राजनीति में उस समय एक बेहद अप्रत्याशित और बड़ा मोड़ देखने को मिला, जब एक वार्ड के चुनाव को लेकर तमाम विपक्षी राजनीतिक दल अपने आपसी मतभेद भुलाकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक ही मंच पर इकट्ठे हो गए। वार्ड नंबर 31 से भाजपा उम्मीदवार के नामांकन पत्र रद्द किए जाने के बाद शहर में राजनीतिक पारा पूरी तरह से गरमा गया है। इस धक्केशाही के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए आज दोपहर बरनाला के हंडियाया बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में शिरोमणि अकाली दल, भाजपा, कांग्रेस और अन्य विभिन्न स्थानीय पक्षों की एक आपातकालीन और संयुक्त बैठक हुई। 

बैठक के दौरान सभी पार्टियों के नेताओं ने एक सुर में सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। साझा तौर पर फैसला लिया गया है कि इस राजनीतिक धक्केशाही के खिलाफ पूरे बरनाला के बाजार पूर्ण रूप से बंद करवाए जाएंगे और तमाम विपक्षी दलों द्वारा रेलवे स्टेशन पर एक विशाल रोष धरना देकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरेआम धक्केशाही पर उतर आई है। नामांकन रद्द करना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है और प्रशासन सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहा है। 

पूर्व चेयरमैन गुरदीप सिंह बाठ ने कहा कि सत्ताधारी दल 'आप' अपनी हार देखकर बौखला गया है, लेकिन बरनाला के लोग इस धक्केशाही का जवाब चुनावों में देंगे। बरनाला के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसी पार्टियां, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे की कट्टर विरोधी हैं, स्थानीय स्तर पर 'आप' सरकार के खिलाफ एक झंडे के नीचे आ गई हैं। इस इकट्ठा हुए हुजूम ने यह सिद्ध कर दिया है कि आने वाले दिनों में बरनाला की राजनीति में बड़ा टकराव होना तय है।

नेताओं ने सरकार को घेरा

शिरोमणि अकाली दल के जिला अध्यक्ष यादविंदर सिंह बिट्टू दीवाना ने कहा कि जब सत्ताधारी दल जनता की कचहरी में जाने से डरता है, तो वह ऐसे हथकंडे अपनाता है; आज पूरा बरनाला इस धक्केशाही के खिलाफ एकजुट है। भाजपा नेता विजय सांपला व गुरदर्शन सिंह बराड़ और हिंदू नेता नीलमणि समाधिया ने स्पष्ट किया कि वार्ड नंबर 31 के उम्मीदवार के कागजात जानबूझकर तकनीकी कमियों का बहाना बनाकर रद्द किए गए हैं, ताकि सत्ताधारी दल को वॉकओवर मिल सके।

पूरे पंजाब में आंदोलन की चेतावनी

इस बैठक के दौरान समूचे विपक्ष के जमावड़े ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपना पक्षपातपूर्ण रवैया नहीं बदला और उम्मीदवार को इंसाफ नहीं मिला, तो यह आंदोलन सिर्फ बरनाला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी चिंगारी पूरे पंजाब में फैलेगी।

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