भिवानी पुलिस का बड़ा एक्शन: हनी ट्रैप गिरोह की 2 महिलाओं समेत 4 गिरफ्तार, 5 लाख की वसूली का पर्दाफाश
Mar 22, 2026 3:10 PM
भिवानी। हरियाणा के भिवानी जिले में अपराध की दुनिया का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने शरीफ नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। यहां एक संगठित गिरोह ने हनी ट्रैप (Honey Trap) के जरिए एक 62 वर्षीय बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई। डीएसपी महेश कुमार ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह में महिलाएं और पुरुष मिलकर काम करते थे, जिनका मुख्य पेशा लोगों को डरा-धमकाकर वसूली करना था।
घर दिखाने के बहाने बुलाया, फिर रचा 'रेप' का ड्रामा
जांच में जो कहानी निकलकर सामने आई, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। गिरोह की एक महिला ने पीड़ित बुजुर्ग को घर बेचने का झांसा देकर अपने पास बुलाया। बुजुर्ग जब मकान देखने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद गिरोह के सदस्यों ने उन पर दुष्कर्म का झूठा आरोप मढ़ दिया। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का दौर। महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, गिरोह की नीयत साफ हो गई।
मेडिकल के नाम पर सौदेबाजी और पुलिस का 'ट्रैप'
हैरानी की बात यह है कि जब पुलिस ने आरोपी महिला से मेडिकल जांच करवाने को कहा, तो वह बार-बार टाल-मटोल करने लगी। इसी बीच अंदरखाने बुजुर्ग से 'सेटलमेंट' की बात चल रही थी। गिरोह ने केस वापस लेने और मेडिकल न करवाने के बदले 5 लाख रुपये की डिमांड रखी। डर के मारे बुजुर्ग ने 4 लाख रुपये का चेक पहले ही थमा दिया था, लेकिन बाकी के 1 लाख रुपये के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने बसिया भवन के पास दबिश दी और जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, चारों आरोपियों को दबोच लिया गया।
संगठित अपराध की ओर इशारा: डीएसपी की चेतावनी
डीएसपी महेश कुमार के मुताबिक, यह कोई इकलौती घटना नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह की सक्रियता का प्रमाण है। आरोपी महिला जिस घर में बुजुर्ग को लेकर गई थी, वहां वह खुद किराए पर रह रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने पहले और कितने लोगों को अपनी ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के बुलावे पर जाने से बचें और यदि कोई डराने-धमकाने की कोशिश करे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।