कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने में आधार अहम: प्रशासक
Mar 25, 2026 10:46 AM
चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि आधार आज पारदर्शी सेवा वितरण और समावेशी विकास का सशक्त माध्यम बन चुका है। वे होटल माउंटव्यू में “ड्राइविंग मैक्सिमम आउट ऑफ आधार” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। कटारिया ने कहा कि आधार ने सुशासन और ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर पा रही है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, साथ ही फर्जी लाभार्थियों और धोखाधड़ी पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है।
उन्होंने कहा कि आधार ने नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) को मजबूत किया है, जिससे सब्सिडी और वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंच रही है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। प्रशासक ने बताया कि आधार अब जन्म पंजीकरण से लेकर आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य सेवाओं तक दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इससे न केवल सेवाओं की पहुंच आसान हुई है, बल्कि वंचित वर्गों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बनी है। उन्होंने कहा कि आधार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटते हुए विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने कहा कि आधार ने प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने के साथ-साथ कई जटिल समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने संपत्ति मामलों, स्वास्थ्य बीमा दावों, कृषि उपज की खरीद, पेंशन वितरण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन में आधार की उपयोगिता को रेखांकित किया। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश कुमार ने कहा कि आधार अब केवल पहचान का साधन नहीं, बल्कि नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं से जोड़ने का मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है और यह जीवन के लगभग हर क्षेत्र में अपनी प्रासंगिकता साबित कर रहा है। कार्यशाला में पारदर्शी और प्रभावी सेवा वितरण को और सुदृढ़ करने के लिए तकनीक के बेहतर उपयोग तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के उप महानिदेशक कमोडोर धीरज सरीन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।