झज्जर में हाई-वोल्टेज ड्रामा: कृषि मंत्री के काफिले के आगे लेटी महिला, 14 साल के दर्द ने झकझोरा सिस्टम
Mar 26, 2026 3:46 PM
झज्जर। झज्जर के लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन के बाहर बुधवार को एक ऐसा मंजर दिखा जिसने सत्ता और प्रशासन के 'तुरंत समाधान' वाले दावों की पोल खोलकर रख दी। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा जिला परिवेदना समिति की बैठक निपटाकर जैसे ही अपनी गाड़ी में सवार हुए, एक महिला सिसकते हुए उनके काफिले के सामने आ गई। पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में महिला को हटाया और मंत्री से मिलवाया, जहां 14 साल का दर्द आंसुओं के जरिए सैलाब बनकर फूट पड़ा।
साढ़े सात लाख दिए, कागजात भी सौंपे... पर मिला सिर्फ धोखा
मूल रूप से गांव मांडोठी की रहने वाली जगपति ने रुंधे गले से बताया कि साल 2011 में उसने अपनी जीवन भर की जमापूंजी लगाकर झज्जर के एक व्यक्ति देवेंद्र से गुरुग्राम रोड पर 300 गज का एक प्लॉट खरीदा था। साढ़े सात लाख रुपये का पूरा भुगतान हुआ, एग्रीमेंट हुआ और 2013 में रजिस्ट्री के नाम पर जरूरी दस्तावेज भी ले लिए गए। लेकिन एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी आज तक वह प्लॉट कागजों में उसका नहीं हो सका। महिला का आरोप है कि उसे न तो जमीन मिल रही है और न ही उसके पैसे वापस किए जा रहे हैं।
"थाने जाती हूँ तो पुलिस डराती है": न्याय की आस में दर-दर भटकती जगपति
पीड़िता की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि जिसे रक्षक होना चाहिए, वही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं। जगपति के मुताबिक, पिछले 14 सालों में ऐसा कोई अधिकारी या दफ्तर नहीं बचा जहां उसने मत्था न टेका हो। वह जब भी पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचती है, तो आरोपी को बुलाने या कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मी उसे ही डरा-धमकाकर बैरंग वापस भेज देते हैं। प्रशासनिक गलियारों की धूल फांकते-फांकते अब उसके सब्र का बांध टूट चुका है।
क्या मंत्री से मुलाकात बदलेगी तकदीर?
काफिले के आगे चीखती-चिल्लाती महिला को देख मंत्री श्याम सिंह राणा ने उसकी बात तो सुनी, लेकिन महिला का कहना है कि वहां भी उसे कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला जिससे उसका समाधान हो सके। यह घटना झज्जर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है कि आखिर एक साधारण महिला को अपने बुनियादी हक के लिए मंत्री की गाड़ी के आगे क्यों आना पड़ा? फिलहाल इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हो रहा है और लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि क्या जगपति को कभी इंसाफ मिलेगा?