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सीएम भगवंत मान और नायब सैनी को बम से उड़ाने की धमकी, DGP भी निशाने पर

Apr 06, 2026 12:32 PM

चंडीगढ़। 'सिटी ब्यूटीफुल' चंडीगढ़ पिछले कुछ दिनों से लगातार शरारती तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों के निशाने पर है। अभी सोमवार सुबह स्कूलों को मिली बम की धमकी की जांच चल ही रही थी कि एक और सनसनीखेज ईमेल ने प्रशासन को हिला कर रख दिया। इस बार सीधे पंजाब और हरियाणा के सत्ता केंद्रों को चुनौती दी गई है। ईमेल भेजने वाले ने पंजाब के सीएम भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी दी है। इस फेहरिस्त में पंजाब पुलिस के मुखिया (DGP) गौरव यादव का नाम भी शामिल है, जिससे मामला बेहद गंभीर हो गया है।

मेयर ऑफिस और सचिवालय को दहलाने की साजिश?

धमकी केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ के महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवनों को भी इसमें लपेटा गया है। ईमेल में स्पष्ट तौर पर मेयर ऑफिस और सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने का जिक्र है। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस विंग सक्रिय हो गई है। सचिवालय और मुख्यमंत्रियों के आवास के आसपास सुरक्षा का घेरा कई गुना बढ़ा दिया गया है। हर आने-जाने वाले वाहन और व्यक्ति की बारीकी से जांच की जा रही है।

स्कूलों में भी तलाशी अभियान, अभिभावकों में भारी डर

सोमवार की सुबह चंडीगढ़ के कई नामी स्कूलों के लिए भी तनाव भरी रही। सेक्टर 32, 45 और 47 के निजी स्कूलों को मिले धमकी भरे ईमेल के बाद बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। हालांकि, पुलिस के खोजी कुत्तों और बम निरोधक दस्ते को अब तक किसी भी परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से संयम बरतने की अपील की है और इसे 'होक्स कॉल' या शरारत की संभावना बताया है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी भी ढिलाई से इनकार किया है।

बार-बार मिल रही धमकियों से एजेंसियां परेशान

गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों से चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में धमकियों का एक पैटर्न सा बन गया है। पिछले हफ्ते पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को भी ऐसी ही धमकी मिली थी, जो बाद में फर्जी निकली। वहीं, सेक्टर 37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए संदिग्ध धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन सभी ईमेल और धमाकों के पीछे कोई एक ही मास्टरमाइंड है या फिर यह महज दहशत फैलाने का कोई संगठित प्रयास है। साइबर सेल की टीमें ईमेल के ओरिजिन को ट्रेस करने के लिए तकनीकी जांच में जुटी हैं।

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