चंडीगढ़ में कांग्रेस का 'दंगल' अपनों के खिलाफ ही मोर्चेबंदी
Mar 18, 2026 11:47 AM
चंडीगढ़। हरियाणा राज्यसभा चुनाव की तपिश अब ठंडी होने के बजाय कांग्रेस के गलियारों में आग लगा रही है। सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया और नांगल चौधरी की विधायक मंजू चौधरी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को ये दोनों विधायक चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इनका सीधा आरोप है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी के 5 'विभीषणों' ने पीठ में छुरा घोंपा है। विधायकों की मांग है कि जब तक क्रॉस वोटिंग करने वालों और वोट रद्द करवाने वालों के चेहरे बेनकाब नहीं किए जाते, वे धरने से नहीं उठेंगे।
मंजू चौधरी का दर्द: "वफादारों को क्यों बनाया जा रहा निशाना?"
धरने पर बैठीं विधायक मंजू चौधरी के तेवर काफी तल्ख नजर आए। उन्होंने दो टूक कहा कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर उनका नाम वोट रद्द होने वाली लिस्ट में उछाला जा रहा है, जिससे उनकी छवि को गहरा धक्का लगा है। मंजू चौधरी ने भावुक होते हुए कहा, "मैं पार्टी की निष्ठावान कार्यकर्ता हूँ, लेकिन कुछ लोग साजिश के तहत वफादारों को बदनाम कर रहे हैं। हाईकमान को तुरंत उन 5 विधायकों के नाम सार्वजनिक करने चाहिए जिन्होंने पार्टी से गद्दारी की है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।" उनके साथ गोकुल सेतिया भी इस बात पर अड़े हैं कि गद्दारों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
हुड्डा की 'हिट लिस्ट' तैयार, दिल्ली दरबार में पहुँची शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डैमेज कंट्रोल की कोशिशें तेज कर दी हैं। सूत्रों की मानें तो हुड्डा ने उन 5 विधायकों के नामों की फाइल तैयार कर ली है, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की या जानबूझकर अपना वोट कैंसिल करवाया। यह सूची कांग्रेस हाईकमान को भेज दी गई है। हुड्डा का कहना है कि पार्टी के साथ दगाबाजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, अब हुड्डा के सामने दोहरी चुनौती है— एक तरफ बागियों पर कार्रवाई करवाना और दूसरी तरफ चंडीगढ़ में धरने पर बैठे अपने ही विधायकों को समझा-बुझाकर शांत करना।
क्या बिखराव की ओर है हरियाणा कांग्रेस?
चंडीगढ़ में पार्टी दफ्तर के बाहर का यह नजारा हरियाणा कांग्रेस की सेहत के लिए अच्छा संकेत नहीं है। चुनाव खत्म होने के बाद जहाँ जीत का जश्न होना चाहिए था, वहाँ अब 'अपनों की तलाश' और 'अपनों पर वार' का खेल चल रहा है। गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी के इस कदम ने हाईकमान को यह संदेश दे दिया है कि निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं और विधायकों में जबरदस्त आक्रोश है। थोड़ी ही देर में भूपेंद्र हुड्डा भी मौके पर पहुँचने वाले हैं, जहाँ वे धरने पर बैठे विधायकों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे। अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस इन 5 नामों को सार्वजनिक करने का साहस जुटा पाती है या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।