Chandigarh News: नगर निगम ने पहली बार मनाया विक्रम संवत नववर्ष, सांस्कृतिक विरासत को दिया सम्मान
Mar 20, 2026 10:35 AM
चंडीगढ़: नगर निगम, चंडीगढ़ ने वीरवार एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व पहल करते हुए नगर निगम कार्यालय परिसर में पहली बार विक्रम संवत नववर्ष 2083 का उत्सव मनाया। यह आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी प्रशासन के अनूठे संगम का प्रतीक बना। इस आयोजन की परिकल्पना और शुरुआत मेयर सौरभ जोशी के नेतृत्व में की गई, जो एक नई दिशा का संकेत है, जहां परंपरा, प्रशासन और जनसेवा एक साथ मिलकर नागरिकों को प्रेरित करते हैं। मेयर सौरभ जोशी ने इस अवसर पर शहर के निवासियों और नगर निगम के कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने सभी से नए वर्ष का स्वागत सकारात्मकता, जिम्मेदारी और नव उत्साह के साथ करने का आह्वान किया, साथ ही नागरिक कर्तव्यों के प्रति नई प्रतिबद्धता अपनाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त डॉ. हिमांशु गुप्ता, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, पार्षद दलीप शर्मा, हरजीत सिंह, लखबीर सिंह, मोहिंदर कौर, पूर्व मेयर अरुण सूद तथा पूर्व डिप्टी मेयर अनिल कुमार दुबे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल नववर्ष की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत परंपरा में निहित एक नए आरंभ का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह दिन नवचेतना, आशा और कर्तव्य व सेवा के प्रति नई प्रतिबद्धता का संदेश देता है।
विक्रम संवत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गहराई पर प्रकाश डालते हुए मेयर सौरभ जोशी ने सम्राट विक्रमादित्य और उनके नवरत्नों की विरासत का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सुशासन, ज्ञान और न्याय के उनके आदर्श आज भी देश को प्रेरित करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इसी पावन दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी, जिससे यह दिन भारतीय परंपरा में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। नागरिकों को संबोधित करते हुए मेयर ने एक मजबूत जन-केंद्रित संदेश दिया और चंडीगढ़ वासियों से नववर्ष की भावना को स्वच्छ, हरित और स्मार्ट शहर के जनआंदोलन में बदलने का आह्वान किया।
उन्होंने लोगों से जीरो वेस्ट, जीवनशैली अपनाने, कचरे का स्रोत पर ही सेग्रगेशन सुनिश्चित करने, एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने और एक सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल चंडीगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। मेयर ने कहा कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक संकल्प है—अपने प्रशासन को हमारी सांस्कृतिक जड़ों के साथ जोड़ने और शहर के भविष्य को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने का। कार्यक्रम का समापन एकता और गौरव के भाव के साथ हुआ, जिसने नगर निगम की सांस्कृतिक पुनर्जागरण, नागरिक सहभागिता और जवाबदेह प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। नगर निगम कार्यालय में विक्रम संवत के इस पहले आयोजन ने एक नई मिसाल कायम की है, जो यह दर्शाता है कि चंडीगढ़ एक आधुनिक शहर के रूप में आगे बढ़ते हुए भी अपनी सभ्यतागत मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है।