मनकीरत औलख फिर निशाने पर! चंडीगढ़ मर्डर के बाद गैंगस्टर लकी पटियाल की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल
Mar 19, 2026 2:39 PM
चंडीगढ़। चंडीगढ़ का सेक्टर 9 बुधवार को गोलियों की गड़गड़ाहट से थर्रा उठा। न्यू चंडीगढ़ के रहने वाले 26 साल के प्रॉपर्टी डीलर और कबड्डी प्रमोटर चमनप्रीत सिंह नागरा, जिन्हें इलाके में चिन्नी कुब्बाहेड़ी के नाम से जाना जाता था, की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उस वक्त निशाना बनाया जब चिन्नी अपनी फॉरच्यूनर गाड़ी में सवार होकर जिम से बाहर निकल रहे थे। वारदात की जो सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। इस हत्याकांड के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विरोधी लकी पटियाल गिरोह ने इसकी जिम्मेदारी ली है। हैरान करने वाली बात यह है कि पटियाल ने पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख का नाम लेते हुए धमकी दी है कि "वह यह न समझे कि बच पाएगा।
सिस्टम की बेरुखी और परिजनों का आक्रोश
चिन्नी के परिवार ने चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मृतक के भाई ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि बदमाश पिछले 3-4 दिनों से लगातार रेकी कर रहे थे। दो दिन पहले भी चिन्नी एक वॉशिंग सेंटर पर बाल-बाल बचे थे। परिवार का आरोप है कि कबड्डी कप के आयोजन को लेकर शुरू हुई रंजिश के बाद उन्हें धमकियां मिल रही थीं। पहले पुलिस ने सुरक्षा दी थी, लेकिन एक डीएसपी के तबादले के बाद न केवल सुरक्षा हटा ली गई, बल्कि चिन्नी को असलहा लाइसेंस देने से भी मना कर दिया गया।
राजभवन तक पहुंची गूंज, पुलिस महकमे में खलबली
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने चंडीगढ़ की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल ने पुलिस के आला अधिकारियों को तलब किया है। सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने दो टूक शब्दों में कहा है कि शहर में गैंगवार और खुलेआम फायरिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, मनकीरत औलख को मिली धमकी के बाद सिंगर की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है जिनसे यह साफ हो सके कि आखिर लकी पटियाल और चिन्नी कुब्बाहेड़ी के बीच विवाद की असली जड़ क्या थी।
कबड्डी और कारोबार की रंजिश बनी जान की दुश्मन?
परिजनों की मानें तो चिन्नी कुब्बाहेड़ी कबड्डी खेलों के बड़े प्रमोटर थे और इसी क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर कुछ लोगों से उनकी ठनी हुई थी। परिवार का सीधा आरोप है कि पुलिस को पल-पल की जानकारी देने के बावजूद उन्हें तंग किया जाता रहा। चिन्नी के भाई ने भावुक होते हुए कहा कि अगर पुलिस ने समय रहते हथियार का लाइसेंस दे दिया होता, तो शायद चिन्नी अपनी रक्षा कर पाते। फिलहाल, पूरे चंडीगढ़ और मोहाली बॉर्डर पर नाकाबंदी कर दी गई है और क्राइम ब्रांच की कई टीमें बदमाशों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।