- by Vinita Kohli
- Dec, 06, 2025 04:57
चंडीगढ़: वीरवार को चंडीगढ़ नगर निगम के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। वीरवार को शहर को 32वां मेयर मिलेगा। सुबह 11 बजे सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में मेयर पद के लिए चुनाव होगा, जिसके तुरंत बाद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव कराया जाएगा। दोपहर 12 बजे तक नए मेयर के चयन की तस्वीर साफ होने की संभावना है। इस चुनाव को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि पहली बार पार्षद गुप्त मतदान नहीं, बल्कि हाथ उठाकर अपना फैसला सुनाएंगे। नगर निगम के इस अभूतपूर्व चुनाव की जिम्मेदारी मनोनीत पार्षद डॉ. रमणीक सिंह बेदी को सौंपी गई है, जिन्हें पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मेयर चुनाव को लेकर बीते कई दिनों से शहर की सियासत गरमाई हुई है। चुनाव को देखते हुए सेक्टर-17 क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यदि आखिरी वक्त पर कोई राजनीतिक उलटफेर नहीं हुआ और आम आदमी पार्टी या कांग्रेस के उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेते हैं, तो चंडीगढ़ के मेयर चुनाव के इतिहास में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। मेयर पद के लिए भाजपा के सौरभ जोशी, आम आदमी पार्टी के योगेश ढींगरा और कांग्रेस के गुरप्रीत गाबी आमने-सामने हैं। सीनियर डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के जसमनजीत सिंह, आप के मुन्नवर खान और कांग्रेस के सतिन गालव के बीच मुकाबला है। वहीं डिप्टी मेयर पद के लिए भाजपा की सुमन शर्मा, आम आदमी पार्टी की जसविंदर कौर और कांग्रेस की निर्मला देवी मैदान में हैं। इनमें से शहर का अगला मेयर कौन बनेगा यह वीरवार दोपहर 12 बजे तक स्पष्ट हो जाएगा। आंकड़ें चाहे भाजपा के पक्ष में हैं,लेकिन भाजपा के नेता भी डरे हुए हैं। भाजपा के काउंसलर्स को मोरनी में रखा गया है और वीरवार को वह सीधा नगर निगम पहुंचेंगे।
चुनाव को और रोचक बनाते हुए आम आदमी पार्टी से बगावत कर चुके रामचंद्र यादव ने डिप्टी मेयर पद के लिए निर्दलीय नामांकन भरा है। अब सबकी नजरें इसी बात पर टिकी हैं कि यादव आखिरी वक्त तक बगावत जारी रखते हैं या राजनीतिक समीकरण बदलते हैं। भाजपा को आशंका है कि मतदान के दिन कांग्रेस आम आदमी पार्टी का समर्थन कर सकती है। ऐसी चर्चा है कि भाजपा के दो पार्षद बगावत कर सकते हैं और दो अतिरिक्त पार्षद मिलने पर आप-कांग्रेस गठबंधन मजबूत हो जाएगा जिससे मुकाबला बेहद रोचक हो जाएगा। क्रॉस वोटिंग की स्थिति में नतीजे किसी भी दिशा में जा सकते हैं। चुनाव प्रक्रिया को लेकर जारी एसओपी के तहत हर उम्मीदवार के नाम पर पार्षद हाथ उठाकर मतदान करेंगे। मतों की गिनती मौके पर मौखिक पुष्टि के साथ की जाएगी और सभी मतों का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाएगा। उपायुक्त के निर्देशानुसार पूरी चुनावी प्रक्रिया की बिना संपादन वीडियोग्राफी होगी, जिसका रिकॉर्ड कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीमित मीडिया कवरेज और लाइव फीड की भी अनुमति दी गई है। नगर निगम के मौजूदा समीकरण पर नजर डालें तो कुल 35 पार्षद हैं और सांसद के वोट को मिलाकर मेयर चुनाव 36 वोटों से होता है। इस समय भाजपा के पास 18 पार्षद, आप के 11 और कांग्रेस के 6 पार्षद हैं।
मेयर चुनाव की तैयारियों की डीसी ने की समीक्षा
चंडीगढ़। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने नगर निगम, चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर वीरवार को होने वाले मेयर चुनाव की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। बैठक का उद्देश्य चुनाव से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना और यह सुनिश्चित करना था कि प्रक्रिया निष्पक्ष, सुरक्षित और समयानुसार संपन्न हो। बैठक में चुनाव स्थल की तैयारियाँ, सुरक्षा प्रबंध, अधिकारियों की तैनाती, कानून-व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों की अब तक की कार्यप्रगति की सराहना करते हुए उन्हें आपसी समन्वय बनाए रखने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से चुनाव के दौरान सतर्क, संवेदनशील और तत्पर रहने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महापौर चुनाव का आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से किया जाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने टीमवर्क और जनविश्वास को चुनाव की सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से सभी मतदाता बिना किसी असुविधा के मतदान कर सकेंगे।