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चंडीगढ़ की सड़कों और साइकिल ट्रैक को मिलेगा नया रूप, 50 करोड़ रुपये की लागत से 31 मार्च तक पूरा होगा काम

Mar 17, 2026 10:23 AM

चंडीगढ़: सर्दी खत्म होने के बाद यूटी प्रशासन और नगर निगम ने शहर भर में सड़कों और साइकिल ट्रैकों की रीकारपेटिंग  का व्यापक अभियान शुरू किया है। मौसम में आए बदलाव और समय से पहले बढ़ती गर्मी को देखते हुए तय समय से पहले काम शुरू कर दिया गया था। इस अभियान के तहत 96 किमी सड़कों और साइकिल ट्रैक को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूटी प्रशासन शहर की 306.08 किमी सड़कों की रीकारपेटिंग करेगा। इस कार्य के लिए अनुमानित खर्च 52.50 करोड़ रुपये रखा गया है।

प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन की ओर से इस वर्ष 31 मार्च तक अभियान के तहत 26.51 किमी सड़कों का काम लगभग 8.74 करोड़ रुपये की लागत से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 1.30 किमी साइकिल ट्रैक का निर्माण या सुधार कार्य लगभग 16 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत के इस चरण में मुख्य सड़क मार्ग, आवासीय कॉलोनियों की सड़कों और साइकिल ट्रैक पर प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशासन की ओर से मध्य मार्ग, पूर्व मार्ग, जन मार्ग, शांति पथ, हिमालयन मार्ग, दक्षिण मार्ग सहित अन्य सड़कों की रीकारपेटिंग की जाएगी। इन मार्गों पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। पिछली बारिश के बाद अधिकांश स्थानों पर केवल अस्थायी पैचवर्क ही किया जा सका था। अधिकारियों के अनुसार यूटी प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग शहर में कुल 727.21 किमी सड़कों की देखरेख करता है। इसमें वी-वन  नेशनल हाइवे के हिस्से, वी 2, वी3 और अन्य सड़कें शामिल हैं। 

इसके अलावा विभाग 114.40 किमी साइकिल ट्रैक का रखरखाव भी करता है। इंजीनियरिंग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 358.42 किमी सड़कों और 13.10 किमी साइकिल ट्रैक को मरम्मत या रीकारपेटिंग के लिए चिन्हित किया था। सर्दियों के आगमन से पहले 68.67 किमी सड़कों की मरम्मत और रीकारपेटिंग की गई, जिसका खर्च लगभग 11.84 करोड़ रुपये आया। साथ ही 11.80 किमी साइकिल ट्रैक का निर्माण या सुधार कार्य किया गया, जिसका खर्च 50 लाख रुपये रहा। इस प्रकार कुल खर्च 12.34 करोड़ रुपये रहा।

गौरतलब है कि पिछले साल जून में  नगर निगम द्वारा किए गए आंतरिक सर्वे में पता चला था कि 60 सड़कों की हालत बहुत खराब है। इनमें से अधिकांश सड़कें छह से आठ साल पहले रीकारपेट की गई थीं। इसके अलावा 23 अन्य सड़कें खराब स्थिति में पाई गईं। सर्वे में यह भी सामने आया कि  वी 3 सड़कों की लंबाई 275 किमी है, और ये पांच साल से अधिक समय से बिना मरम्मत के रही हैं, जबकि नियम के अनुसार इन्हें हर पांच साल में मेंटेन किया जाना चाहिए। इसके बाद  यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया  के हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नगर निगम के लिए 125 करोड़ रुपये की ग्रांट  जारी की थी। इसके तहत वी 3 सड़कों को नगर निगम से यूटी इंजीनियरिंग विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया, और अब इन सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है।

नए वित्तीय वर्ष में 529 किमी सड़कों की रीकारपेटिंग करेगा नगर निगम

नगर निगम  की ओर से 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष  में शहर की लगभग 529 किमी सड़कों को रीकारपेट करने की योजना तैयार की गई है। इस काम के लिए अनुमानित लागत 87 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि अधिकांश कार्य मानसून आने से पहले पूरा कर लिया जाए। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीआर), सेक्टर-26  पिछले साल की तरह इस साल  भीतकनीकी ऑडिट के लिए तीसरी पक्ष एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। यह संस्थान काम का मूल्यांकन करेगा और आवश्यक प्रमाणपत्र  जारी करेगा। अधिकारियों के अनुसार एजेंसियों को भुगतान केवल तब जारी किया जाएगा जब एआईटीटीआर प्रमाणित कर देगी कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप है। गुणवत्ता नियंत्रण एक प्रमुख घटक है और इसे जमीन पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

कुछ सड़कों पर 18 से 21 मार्च तक ट्रैफिक रहेगा प्रभावित

शहर की कई सड़कों पर 18 से 21 मार्च तक ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। सुबह 10 से रात 10 बजे तक वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। टर्शियरी ट्रीटेड (टीटी) पानी सप्लाई की पाइपलाइन बिछाने के कार्य के चलते परेशानी झेलनी पड़ेगी।  नगर निगम ने आम लोगों से अपील की है कि असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और सहयोग करें। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को सेक्टर-25/25-वेस्ट व 38 वेस्टलाइट प्वाॅइंट से धनास की ओर जाने वाली सड़क पर सड़क कटिंग का कार्य होगा।

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