- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 04:35
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में सोमवार सुबह 11 बजे से छात्र संगठनों द्वारा बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी पूरी कर ली गई है। शुक्रवार शाम केंद्र सरकार द्वारा यूनिवर्सिटी सीनेट के पुनर्गठन से संबंधित अधिसूचना वापस लिए जाने के बावजूद, पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा के बैनर तले आंदोलनरत छात्रों ने तय किया है कि वे “पीयू बंद” करने की अपनी घोषणा पर कायम रहेंगे। छात्रों की मुख्य मांग है कि सीनेट चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाए। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक चुनाव तिथि की घोषणा नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार के इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा किसान नेता, किसान यूनियनें, यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र, प्रोफेसर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
कैंपस में बिगड़ते हालात को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। यूनिवर्सिटी के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है। वाहनों की सख्त चेकिंग की जा रही है ताकि कोई हथियार या प्रतिबंधित वस्तु भीतर न लाई जा सके। पुलिस कर्मियों की अतिरिक्त टीमें हॉस्टलों और प्रमुख शैक्षणिक ब्लॉक्स के आसपास भी तैनात की गई हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सके साथ ही, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रविवार को एक नोटिस जारी कर सेक्टर-14 और सेक्टर-25 (साउथ कैंपस) स्थित सभी दुकानदारों, कैंटीन संचालकों और ठेकेदारों को सोमवार के दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि परिसर में शांति और व्यवस्था बनी रहे।
इस बीच, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक असामान्य कदम उठाते हुए शनिवार को 10 और 11 नवंबर को अवकाश घोषित कर दिया है। ये छुट्टियां क्रमशः 22 दिसंबर 2025 और 27 जनवरी 2026 की जगह दी गई हैं। साथ ही प्रशासनिक कार्यालयों और सेंट्रल लाइब्रेरी को भी बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई “पीयू बंद” को निष्प्रभावी करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है ताकि कैंपस में भीड़ कम रहे और स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
प्रशासन नहीं चाहता कि हमारा आंदोलन सफल हो – छात्रों का आरोप
पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन “पीयू बंद” को असफल करने के लिए लगातार रुकावटें खड़ी कर रहा है। छात्रों का कहना है कि सोमवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने टेंट लगाने और साउंड सिस्टम की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट अशमीत सिंह ने कहा कि प्रशासन नहीं चाहता कि हमारा सोमवार को होने वाला प्रदर्शन सफल हो, इसी लिए वे हर संभव बाधाएं डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस के सभी थाना प्रभारी (एसएचओ) टेंट सर्विस प्रदाताओं को सख्त चेतावनी दे रहे हैं कि वे यूनिवर्सिटी में जाकर कोई भी टेंट या साउंड सिस्टम न लगाएं। अशमीत सिंह ने कहा कि लोगों के बीच डर का माहौल बनाया जा रहा है ताकि कोई सहयोग न करे, लेकिन हम सभी छात्रों और समर्थकों से अपील करते हैं कि वे बड़ी संख्या में कैंपस पहुंचे और इस आंदोलन को सफल बनाएं।
सीनेट चुनाव प्रक्रिया की हुई औपचारिक शुरुआत, चांसलर को भेजा ड्राफ्ट
रविवार को जारी एक आधिकारिक नोट में पीयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यूनिवर्सिटी ने पुराने ढांचे के अनुसार सीनेट चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी ने आगामी सीनेट चुनावों का विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर इसे चांसलर एवं भारत के उपराष्ट्रपति को अनुमोदन हेतु भेज दिया है। यह प्रक्रिया पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट, 1947 और यूनिवर्सिटी कैलेंडर, वॉल्यूम-I (2022) के प्रावधानों के अनुसार पूरी की गई है। वीसी प्रो. रेनू विग ने सभी छात्रों और कैंपस संगठनों से अपील की है कि वे प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन वापस लें और परिसर में शांति एवं सामान्य स्थिति बनाए रखने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि अब जब सीनेट चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है, तो किसी भी प्रकार के संदेह या अनिश्चितता की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है। रविवार को डीएसडब्ल्यू और वार्डन की बैठक लगभग 20 छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई। बैठक में डीएसडब्ल्यू ने बताया कि सीनेट चुनाव कार्यक्रम की स्वीकृति के लिए अनुरोध उपराष्ट्रपति कार्यालय को भेजा जा चुका है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपना धरना समाप्त करें और सोमवार को प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन को स्थगित करें। हालांकि, छात्रों ने सोमवार के प्रदर्शन को वापस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद डीएसडब्ल्यू ने अपील की कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। पीयू बचाओ मोर्चा की ओर से कहा गया कि वे प्रदर्शन के दौरान पूर्ण अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी खुद लेंगे।
नामी हस्तियां छात्रों के समर्थन में उतरीं, सरताज ने गाया गाना
रविवार को भी पंजाब यूनिवर्सिटी में चल रहे छात्र आंदोलन को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन मिला। वीसी कार्यालय के बाहर चल रहे धरना स्थल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा, फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस सांसद अमर मलकीयत सिंह, पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुद्दियां, पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धरमवीर गांधी, कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह और पूर्व विधायक दलवीर सिंह खंगूरा पहुंचे और छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई।
इन नेताओं के अलावा, मशहूर सूफी गायक और पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र डॉ. सतिंदर सरताज ने भी धरना स्थल का दौरा किया। उनके पहुंचने से माहौल उत्साहपूर्ण हो उठा। सरताज ने कहा, “मैं यहां छात्रों के साथ अपनी एकजुटता दिखाने आया हूं। हमारी अपील उच्च शिक्षा प्राधिकरण और शिक्षा मंत्रालय द्वारा दस दिन पहले जारी अधिसूचना के खिलाफ है। हम चाहते हैं कि सीनेट चुनाव की तारीख जल्द घोषित की जाए ताकि यह मसला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ सके।” भावनाओं से भरे माहौल में सरताज ने छात्रों के बीच अपनी प्रसिद्ध पंक्तियाँ “बड़ी खुशबूदार है पीयू दी मिट्टी” गाकर सबका मन जीत लिया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और जोश का माहौल बन गया।