भाजपा कार्यालय ब्लास्ट मामले में दो गिरफ्तार, रूपनगर से पकड़े गए ब्लास्ट के आरोपी, परिवार ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
Apr 03, 2026 12:07 PM
चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी रूपनगर जिले से की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन सिंह उर्फ भोलू और गुरतेज सिंह के रूप में हुई है, जो थाना सिटी मोरिंडा के तहत गांव रत्तनगढ़ के निवासी बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को पंजाब पुलिस की CIA टीम ने अंजाम दिया, जबकि मोहाली की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) भी जांच में शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन अभी जारी है और आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तारी पर परिवार के अलग-अलग दावे
अमन सिंह की पत्नी ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें असली वजह बताए बिना हिरासत में लिया। उनके अनुसार, कुछ लोग सिविल गाड़ी में आए और उन्होंने बताया कि एक “बड़े अधिकारी” की पत्नी की गाड़ी से अमन की टक्कर हुई थी और वह बिना माफी मांगे वहां से चला गया। बाद में पुलिस टीम घर पहुंची और पूछताछ की। इस दौरान परिवार के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले जाए गए और घर से एक पीला लिफाफा बरामद हुआ, जिसके बारे में पत्नी ने अनभिज्ञता जताई।
दूसरे आरोपी के परिवार का बयान
दूसरे आरोपी गुरतेज सिंह की मां ने बताया कि उन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा चंडीगढ़ में रह रहा है। उन्होंने कहा कि गुरतेज पिछले तीन साल से परिवार के संपर्क में नहीं था और स्कूटी चलाकर सवारियां ढोता था। परिवार के अनुसार, उनका उससे कोई विवाद भी नहीं था और पुलिस के आने पर ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली
ग्रेनेड इस्तेमाल की आशंका
इस मामले में पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया हो सकता है, जो पाकिस्तान में निर्मित बताया जाता है। यह ग्रेनेड विस्फोट के बाद 5 से 10 मीटर तक घातक असर डाल सकता है, जबकि इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
CCTV फुटेज और जांच की दिशा
घटना से जुड़े दो वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें हमले से पहले और बाद के दृश्य कैद हैं। एक वीडियो में संदिग्ध बीजेपी कार्यालय के पास खड़े दिखाई देते हैं, जबकि दूसरे में वे घटना के बाद भागते नजर आते हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बस के जरिए भागे और रास्ते में किराया देने के लिए डिजिटल पेमेंट का सहारा लिया।
बस रूट से फरार होने का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक आरोपी सेक्टर-24 इलाके से बस में सवार हुए और सेक्टर-43 बस स्टैंड पहुंचे। वहां से उन्होंने खरड़ जाने वाली बस ली। शुरुआती जांच में पुलिस पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज के आधार पर बाइक सवार संदिग्धों की तलाश में उलझी रही, जबकि आरोपी बस के जरिए फरार हो गए। इसी वजह से चंडीगढ़ पुलिस को शुरुआती जांच में सफलता नहीं मिल सकी।
ब्लास्ट से इलाके में दहशत
यह ब्लास्ट बुधवार शाम को हुआ था, जिसमें आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए और दीवारों पर छर्रों के निशान मिले। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पंजाब पुलिस और अन्य एजेंसियां मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं।