कुरुक्षेत्र के छात्र की कनाडा में संदिग्ध मौत, दो साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गए छात्र की थमी सांसें
May 20, 2026 10:31 AM
कुरुक्षेत्र। विदेश जाकर उच्च शिक्षा पाने और एक बेहतर भविष्य गढ़ने का सपना लेकर कनाडा गए कुरुक्षेत्र के एक भारतीय छात्र की वहां संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान लाडवा उपमंडल के गांव गजलाना निवासी वीरेन रंगा के रूप में हुई है। वीरेन करीब दो साल पहले यानी मार्च 2024 में स्टडी वीजा पर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे (Surrey) शहर गए थे। वहां वे अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे। मंगलवार को जैसे ही वीरेन की मौत की खबर उनके पैतृक गांव गजलाना पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
रात को सोने गया, सुबह नहीं उठा वीरेन
परिजनों को कनाडा से मिले इनपुट्स के मुताबिक, वीरेन रोज की तरह अपनी दिनचर्या पूरी कर रात को कमरे में सोने गए थे। अगली सुबह जब काफी देर तक वे अपने कमरे से बाहर नहीं निकले, तो उनके साथ फ्लैट शेयर करने वाले दोस्तों को चिंता हुई। दोस्तों ने कमरे में जाकर वीरेन को जगाने की कोशिश की, लेकिन उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। घबराए दोस्तों ने जब करीब से नब्ज टटोली तो वीरेन दम तोड़ चुके थे। इसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीम को सूचित किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
वीरेन रंगा की अचानक हुई इस मौत की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है। शुरुआती जांच में न तो किसी तरह के हादसे की बात सामने आई है और न ही किसी बीमारी का कोई पुराना इतिहास था। कनाडा पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी। वीरेन के दोस्त वहां की पुलिस के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए हैं।
शव को भारत लाने के लिए सरकार से गुहार
शांत और मिलनसार स्वभाव के वीरेन को उनके माता-पिता ने बड़े अरमानों के साथ जमीन-जायदाद या जमापूंजी के भरोसे ऊंचे ख्वाब देखने कनाडा भेजा था। बेटे की असमय मौत ने माता-पिता की दुनिया उजाड़ दी है। रो-रोकर बदहवास हो चुके परिजनों के सामने अब सबसे बड़ा संकट वीरेन के पार्थिव शरीर को भारत लाने का है। पीड़ित परिवार ने विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार से अपील की है कि वे कनाडाई एंबेसी से संपर्क कर कागजी कार्रवाई को तेज करवाएं, ताकि आखिरी बार वे अपने लाडले का चेहरा देख सकें और उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके।