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पेट्रोल-डीजल की छुट्टी! दिल्ली में अब हाइड्रोजन से चलेगी बस, देखें पूरी टाइम टेबल

May 15, 2026 2:34 PM

दिल्ली। बदलती दिल्ली की तस्वीर में अब एक नया अध्याय जुड़ गया है। राजधानी के दिल यानी सेंट्रल विस्टा इलाके में अब नीले धुएं के बजाय पानी की भाप छोड़ने वाली बसें दौड़ती नजर आएंगी। दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने इंडियन ऑयल के सहयोग से हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली बसों का परिचालन शुरू कर दिया है। यह पहल न केवल सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि दिल्ली के दमघोंटू प्रदूषण के खिलाफ एक 'साइलेंट वॉरियर' की तरह काम करेगी। सबसे खास बात यह है कि इस लग्जरी और प्रदूषण मुक्त सफर के लिए यात्रियों को अपनी जेब ज्यादा ढीली नहीं करनी होगी।

लुटियंस दिल्ली के इन रास्तों पर दौड़ेगी बस, सरकारी बाबू और पर्यटकों को बड़ी राहत

यह बस सेवा मुख्य रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो प्रतिदिन सेंट्रल विस्टा और आसपास के मंत्रालयों में काम करने आते हैं। ये बसें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से लेकर सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच का चक्कर लगाएंगी। अपने रूट पर ये बसें इंडिया गेट, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, उद्योग भवन, अकबर रोड और नेशनल स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों को कवर करेंगी। इससे न केवल सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर पहुंचने में आसानी होगी, बल्कि इंडिया गेट घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक किफायती और सुखद विकल्प साबित होगा।

35 सीटों वाली हाईटेक बसें: सुरक्षा और सुविधा का बेजोड़ संगम

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) द्वारा मुहैया कराई गई इन दो बसों में आधुनिकता का पूरा ख्याल रखा गया है। प्रत्येक बस में 35 यात्रियों के बैठने की क्षमता है और सुरक्षा के लिहाज से इन्हें CCTV कैमरों व GPS ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया गया है। सेवा का समय दफ्तरों की टाइमिंग के अनुसार रखा गया है। सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8:30 से दोपहर 12:30 बजे तक और फिर शाम को 3:30 से 6:30 बजे तक यह सेवा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए हर 30 मिनट पर बस मिलेगी और टिकट का भुगतान UPI, कैश या नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के जरिए आसानी से किया जा सकेगा।

क्या यह दिल्ली के भविष्य का ट्रांसपोर्ट मॉडल है?

DMRC की इस कवायद के पीछे का असली मकसद निजी वाहनों के प्रति लोगों के मोह को कम करना है। हाइड्रोजन बसें चलाने का प्रयोग अगर सेंट्रल विस्टा में सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे पूरी दिल्ली में विस्तार दिया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाइड्रोजन ईंधन भविष्य का सबसे स्वच्छ विकल्प है क्योंकि इसमें शून्य कार्बन उत्सर्जन होता है। यदि दिल्ली की सड़कों पर ऐसी बसों की संख्या बढ़ती है, तो आने वाले समय में राजधानी को स्मॉग और जहरीली हवा से काफी हद तक निजात मिल सकती है।

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