गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले, अब 21-25 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग
Mar 08, 2026 11:49 AM
दिल्ली। होली के तुरंत बाद आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का असर दिखने लगा है। केंद्र सरकार ने घरेलू LPG रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं और नई कीमतें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं।
तेल कंपनियों के इस फैसले का असर सीधे घरों के बजट और छोटे कारोबारों पर पड़ेगा। गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से जहां रसोई खर्च बढ़ेगा, वहीं होटल और ढाबों जैसे व्यवसायों की लागत भी बढ़ सकती है।
घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है।
मुंबई में इसकी नई कीमत 912.50 रुपये हो गई है। वहीं चेन्नई में सिलेंडर का दाम 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये पहुंच गया है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी बढ़ी
19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसका असर खासतौर पर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर पड़ेगा, जहां खाना बनाने के लिए बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल होता है।
दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गई है। मुंबई में यह 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये, कोलकाता में 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये और चेन्नई में 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है।
गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव
तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के नियम भी बदल दिए हैं। अब उपभोक्ता अगले सिलेंडर की बुकिंग 21 से 25 दिन के बाद ही कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता ने 4 तारीख को गैस सिलेंडर बुक कराया और 5 तारीख को डिलीवरी मिल गई, तो अगली बुकिंग डिलीवरी के 21 या 25 दिन बाद ही की जा सकेगी। अलग-अलग तेल कंपनियों के लिए यह अवधि अलग हो सकती है।
आम परिवारों और छोटे कारोबार पर असर
रसोई गैस के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर असर पड़ना तय है। खासकर मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों के लिए हर महीने का खर्च बढ़ सकता है।
दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, ढाबा और छोटे फूड बिजनेस की लागत भी बढ़ेगी। कई कारोबारियों को अपने खाने-पीने के सामान की कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है।