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गुरुग्राम को चुनौती देता नोएडा, रियल एस्टेट बाजार में तेज ग्रोथ

Mar 09, 2026 3:32 PM

दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में नोएडा की स्थिति तेजी से मजबूत हुई है। कभी शांत और अपेक्षाकृत किफायती शहर माने जाने वाले नोएडा ने पिछले पांच साल में तेज विकास दर्ज किया है। इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और बड़े प्रोजेक्ट्स की वजह से यहां संपत्ति की कीमतों में तेजी आई है और यह बाजार अब गुरुग्राम के मुकाबले मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में सामने आ रहा है।

एनसीआर में लंबे समय तक रियल एस्टेट चर्चा का केंद्र गुरुग्राम रहा। बड़े कॉर्पोरेट टावर, लग्जरी कॉन्डोमिनियम और आईटी-कॉर्पोरेट हब के कारण इसकी पहचान बनी रही। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निवेश और आवासीय परियोजनाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है।

पांच साल में कीमतों में तेज बढ़ोतरी

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी एनारोक की रिपोर्ट के अनुसार पहली तिमाही 2020 से पहली तिमाही 2025 के बीच नोएडा में घरों की औसत कीमत 4,795 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर करीब 9,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई। इस अवधि में लगभग 92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

ग्रेटर नोएडा में इसी समय के दौरान करीब 98 प्रतिशत तक प्राइस ग्रोथ देखी गई। पूरे एनसीआर में औसत वृद्धि करीब 81 प्रतिशत रही, जबकि गुरुग्राम में यह लगभग 84 प्रतिशत दर्ज की गई।

जेवर एयरपोर्ट से बदलेगा पूर्वी एनसीआर

नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में विकास की गति तेज होने की बड़ी वजह जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट माना जा रहा है। इसके शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आसपास के क्षेत्रों में निवेश का दायरा बढ़ेगा।

बाजार के अनुमान बताते हैं कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस कॉरिडोर में संपत्ति की कीमतों में आगे भी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट और आसपास के सेक्टरों में मांग और बढ़ने की संभावना है।

ऑफिस और रेजिडेंशियल हब के रूप में उभरा एक्सप्रेसवे

पिछले पांच वर्षों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे एक मजबूत ऑफिस और रेजिडेंशियल कॉरिडोर के रूप में विकसित हुआ है। 2022 के बाद एनसीआर में हुई करीब 40 प्रतिशत ग्रेड-ए ऑफिस लीजिंग इसी इलाके में दर्ज की गई।

ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग के साथ हजारों पेशेवर इस माइक्रो-मार्केट के आसपास रहना पसंद कर रहे हैं। इससे आवासीय परियोजनाओं की मांग में भी तेजी आई है।

मिड से प्रीमियम हाउसिंग की ओर बढ़ता बाजार

हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर का कहना है कि नोएडा का रियल एस्टेट बाजार नए चरण में पहुंच गया है। उनके अनुसार जिस शहर को कभी किफायती विकल्प माना जाता था, वह अब मजबूत ग्रोथ हब के रूप में उभर रहा है।

स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स के प्रेसिडेंट सेल्स एंड मार्केटिंग आशीष जेरथ के अनुसार मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर आर्थिक अवसर और जीवनशैली में बदलाव के कारण नोएडा तेजी से प्रीमियम रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बन रहा है। एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट परियोजना ने निवेशकों और घर खरीदने वालों दोनों की दिलचस्पी बढ़ाई है।

सेक्टर-150 बना प्रीमियम हाउसिंग का केंद्र

नोएडा का सेक्टर-150 पिछले कुछ समय में प्रीमियम हाउसिंग के लिए खास पहचान बना चुका है। यहां अपेक्षाकृत कम घनत्व वाली परियोजनाएं, खुले क्षेत्र और बड़े अपार्टमेंट खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।

दिल्ली और गुरुग्राम के कई खरीदार यहां बड़े घर और बेहतर खुला माहौल पाने के लिए निवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि सेक्टर-150 को अब शहर के उभरते प्रीमियम रेजिडेंशियल हब के रूप में देखा जा रहा है।

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