टोल प्लाजा पर आज से बड़ा बदलाव: कैश पेमेंट बंद, फास्टैग के बिना लगेगा 25% ज्यादा टैक्स
Apr 10, 2026 3:48 PM
दिल्ली। अगर आप आज अपनी कार या कमर्शियल वाहन लेकर नेशनल हाईवे पर निकलने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल कलेक्शन की व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया है। 10 अप्रैल से देश के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद भुगतान (Cash Payment) की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया है। अब टोल नाकों पर तैनात कर्मचारी आपसे नकद राशि स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार का उद्देश्य टोल प्लाजा को पूरी तरह 'कैशलेस' बनाना है ताकि यातायात निर्बाध रूप से चलता रहे।
बिना फास्टैग एंट्री तो लगेगा 'जुर्माना': UPI पर भी अतिरिक्त भार
हाल ही में केंद्रीय सड़क मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, फास्टैग (Fastag) टोल भुगतान का प्राथमिक और सबसे सस्ता जरिया बना रहेगा। लेकिन, यदि कोई वाहन बिना फास्टैग या अवैध फास्टैग के साथ 'फास्टैग लेन' में प्रवेश करता है, तो उसे अब नकद जुर्माना देने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे चालक UPI (जैसे गूगल पे, फोन पे) के जरिए भुगतान कर सकेंगे, लेकिन यहाँ एक पेंच है। अधिसूचना के मुताबिक, बिना फास्टैग के UPI से भुगतान करने पर आपको कुल टोल राशि का 1.25 गुना (यानी 25% ज्यादा) भुगतान करना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि टोल 100 रुपये है, तो फास्टैग न होने की स्थिति में आपको UPI से 125 रुपये चुकाने होंगे।
जाम से मिलेगी मुक्ति, सफर होगा सुगम
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का मानना है कि इस नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी। अक्सर देखा जाता है कि नकद भुगतान के दौरान खुले पैसों की किल्लत और रसीद काटने में लगने वाले समय के कारण लंबी कतारें लग जाती हैं। अब डिजिटल मोड अनिवार्य होने से वाहन बिना रुके या बहुत कम ठहराव के साथ टोल पार कर सकेंगे। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि यात्रियों के कीमती समय में भी भारी कमी आएगी।
अधिकारियों की सलाह: सफर से पहले चेक करें फास्टैग बैलेंस
NHAI और परिवहन मंत्रालय ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे हाईवे पर चढ़ने से पहले अपने फास्टैग की वैधता और उसमें पर्याप्त बैलेंस जरूर सुनिश्चित कर लें। यदि फास्टैग ब्लैकलिस्टेड है या बैलेंस कम है, तो आपको मजबूरन UPI का सहारा लेना होगा जो आपकी जेब पर भारी पड़ेगा। 10 अप्रैल से लागू हुए इन नियमों को सख्ती से पालन कराने के लिए सभी टोल प्लाजा पर अतिरिक्त कर्मियों और डिजिटल स्कैनर्स की तैनाती की गई है।