कुरुक्षेत्र मंडी में भूपेंद्र हुड्डा का बड़ा हमला: "किसानों के लिए बायोमेट्रिक नहीं, सम्मान की जरूरत है"
Apr 10, 2026 5:55 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में आज उस समय सियासी पारा चढ़ गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसानों की समस्याएं सुनने जमीन पर उतरे। मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और ढेरों के बीच खड़े होकर हुड्डा ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को उनकी मेहनत का दाम और सम्मान देने के बजाय उन्हें पोर्टल और बायोमेट्रिक जैसी जटिल शर्तों के मकड़जाल में उलझाकर अपमानित कर रही है।
"अन्नदाता है, अपराधी नहीं": बायोमेट्रिक व्यवस्था पर सवाल
हुड्डा ने गेहूं की सरकारी खरीद के लिए अनिवार्य की गई बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "किसान खेत से अनाज लेकर मंडी आता है, वह कोई अपराधी नहीं है कि उसे अपनी पहचान साबित करने के लिए बार-बार अंगूठा लगाना पड़े। यह व्यवस्था तुरंत रद्द होनी चाहिए।" हुड्डा ने आरोप लगाया कि पोर्टल रजिस्ट्रेशन, गेट पास, गारंटर और ट्रैक्टर नंबर के वेरिफिकेशन जैसी अनावश्यक शर्तों के कारण किसान अपनी फसल बेचने के लिए कई-कई दिनों तक मंडियों में भटकने को मजबूर है।
कृषि मंत्री के बयान पर नाराजगी: "किसानों के जख्मों पर छिड़का जा रहा नमक"
हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में फसलें बिछ गई हैं, लेकिन सरकार 'स्पेशल गिरदावरी' करवाने में देरी कर रही है। उन्होंने कृषि मंत्री के उस बयान की भी कड़ी निंदा की जिसमें बारिश से पैदावार बढ़ने की बात कही गई थी। हुड्डा ने इसे किसानों के दर्द का मजाक उड़ाना बताया। उन्होंने मांग की कि सरकार किताबी बातें छोड़ धरातल पर आए और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दे।
लाठी-गोली की सरकार: मानेसर प्रकरण पर नसीहत
मंडी दौरे के दौरान हुड्डा ने मानेसर में हुई हालिया घटना पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर समस्या का समाधान लाठी और गोली से करने की कोशिश की जाती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। हुड्डा ने सरकार को सलाह दी कि किसानों या मजदूरों की समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि उन पर बल प्रयोग करके।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि उन्हें पूरे हरियाणा से मंडियों में उठान न होने और भुगतान में देरी की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खरीद प्रक्रिया को सरल नहीं बनाया गया और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।