Chandigarh News: चंडीगढ़ में बनेगी नई अस्थाई पार्किंग, चीफ इंजीनियर ने फील्ड अधिकारियों से मांगी सर्वे रिपोर्ट
Apr 10, 2026 4:39 PMचंडीगढ़: चंडीगढ़ में बढ़ते वाहनों और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रशासन ने अस्थाई पार्किंग की नई व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में पार्किंग की लगातार बढ़ती समस्या के समाधान के लिए चीफ इंजीनियर संजीव अरोड़ा ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे स्थानों का सर्वे करें, जहां अस्थाई पार्किंग विकसित की जा सके। यह फैसला 8 अप्रैल को हुई नगर निगम बैठक में पार्किंग के मुद्दे पर चर्चा के बाद लिया गया है। अधिकारियों से जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि योजना को तेजी से लागू किया जा सके।
खाली स्थानों की पहचान पर जोर
प्रशासन ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शहर में उपलब्ध खाली या कम उपयोग में आने वाली जगहों की पहचान करें। इन स्थानों को अस्थाई पार्किंग के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि तत्काल राहत दी जा सके। इस कदम से व्यस्त बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पार्किंग दबाव कम होने की उम्मीद है।
मौजूदा पार्किंग क्षमता बढ़ाने की योजना
सिर्फ नई जगहों की पहचान ही नहीं, बल्कि पहले से मौजूद पार्किंग स्थलों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। जिन जगहों पर थोड़े सुधार से अधिक वाहन खड़े किए जा सकते हैं, वहां अपग्रेडेशन करने की योजना बनाई जा रही है। इससे बिना बड़े निर्माण के पार्किंग सुविधा बढ़ाई जा सकेगी।
कम संसाधनों में जल्दी समाधान
प्रशासन ने ऐसे स्थानों की भी पहचान करने को कहा है, जहां न्यूनतम सुधार के साथ तुरंत पार्किंग शुरू की जा सके। इसका उद्देश्य कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत देना है। इस योजना के तहत अस्थाई समाधान पर फोकस रखा गया है ताकि शहर की ट्रैफिक समस्या को जल्दी नियंत्रित किया जा सके।
नगर निगम बैठक के बाद बढ़ी सक्रियता
8 अप्रैल को चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में पार्किंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद चीफ इंजीनियर संजीव अरोड़ा ने इस दिशा में त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए। अब फील्ड सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद शहर में नई अस्थाई पार्किंग जल्द ही शुरू की जा सकती हैं।
ट्रैफिक दबाव कम करने की कोशिश
चंडीगढ़ में लगातार बढ़ते वाहनों के कारण पार्किंग की समस्या गंभीर होती जा रही है। ऐसे में प्रशासन की यह पहल ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहर में व्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इससे नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।