नूंह हिंसा की फाइलें दोबारा खुलने से हड़कंप, विधायक आफताब अहमद ने SP से की निष्पक्ष जांच की मांग
Apr 10, 2026 5:29 PM
नूंह। साल 2023 की वो तारीख, 31 जुलाई, जिसे नूंह शायद ही कभी भूल पाए। ब्रजमंडल जलाभिषेक शोभा यात्रा के दौरान भड़की हिंसा की आग भले ही शांत हो गई हो, लेकिन इसकी कानूनी तपन एक बार फिर महसूस की जा रही है। जिला पुलिस द्वारा अचानक पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोलने और संदिग्धों की धरपकड़ शुरू करने से इलाके में सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। इस संवेदनशील माहौल के बीच नूंह के विधायक और कांग्रेस नेता आफताब अहमद ने मोर्चा संभालते हुए सीधे जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के दफ्तर में दस्तक दी।
'दोषी को सजा मिले, लेकिन निर्दोष की बलि न चढ़े'
विधायक आफताब अहमद ने एसपी के साथ हुई इस मुलाकात में अपनी चिंताओं को बेबाकी से साझा किया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पुलिस की कार्रवाई न्यायसंगत होनी चाहिए, न कि किसी खास एजेंडे या दबाव से प्रेरित। विधायक ने मांग की कि पुलिस केवल उन्हीं लोगों की दहलीज पर कदम रखे, जिनकी संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण मौजूद हों। उन्होंने आशंका जताई कि जांच के इस नए दौर में कहीं उन निर्दोष युवाओं को न पीस दिया जाए, जिनका उस दिन की हिंसा से कोई लेना-देना नहीं था।
सैकड़ों युवा पहले ही सलाखों के पीछे, बढ़ रही है बेचैनी
विधायक ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि इस मामले में पहले ही इलाके के सैकड़ों युवा जेल की हवा खा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की नई सक्रियता से परिवारों में दहशत का माहौल है। आफताब अहमद ने प्रशासन को याद दिलाया कि न्याय वही है जो पारदर्शी हो। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जांच प्रक्रिया में सावधानी नहीं बरती गई और निर्दोषों को बेवजह परेशान किया गया, तो वे इसे चुपचाप नहीं देखेंगे। इलाके के लोगों की ओर से उन्होंने मांग उठाई कि मामले की तह तक जाने के लिए एक उच्च स्तरीय एसआईटी (SIT) का गठन हो, जो बिना किसी भेदभाव के दूध का दूध और पानी का पानी कर सके।
पुलिस का रुख: कानून अपना काम करेगा
वहीं दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है और केवल साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ा जा रहा है। हालांकि, विधायक की इस सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि नूंह हिंसा का मामला आने वाले दिनों में एक बार फिर बड़ी राजनीतिक तकरार का सबब बन सकता है। अब देखना यह होगा कि विधायक की इस अपील के बाद पुलिस अपनी जांच की दिशा और रफ्तार में क्या बदलाव करती है।