Hanuman Jayanti 2026: 2 अप्रैल को बन रहे शुभ संयोग, जानें पूजा का महत्व
Mar 31, 2026 1:27 PM
उत्तर भारत सहित हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और यूपी के शहरों में हनुमान जयंती को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचांग के अनुसार 2026 में यह पर्व 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं और विशेष अनुष्ठान करते हैं।
इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह तिथि खास मानी जा रही है, क्योंकि कई शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं, जिससे पूजा का फल और प्रभाव बढ़ने की बात कही जा रही है।
पूजा और उपायों का बढ़ा महत्व
हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ 1, 3 या 7 बार करना शुभ माना जाता है। सुंदरकांड का पाठ करने से भी मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भक्त इस दिन तुलसी के पत्ते अर्पित करते हैं और शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं। गुड़-चना या केले का भोग लगाने की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है।
शनि दोष और बाधाओं से राहत की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा से शनि के दुष्प्रभाव कम होते हैं। इसी वजह से जिन लोगों की कुंडली में शनि से जुड़ी परेशानियां होती हैं, वे इस दिन विशेष पूजा करते हैं।
सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित कर हनुमान चालीसा का पाठ करने से कर्ज, रोग और शत्रु बाधा से राहत मिलने की मान्यता है। ऐसे उपायों को लेकर मंदिरों में खास भीड़ देखने को मिलती है।
हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
हनुमान जी को भगवान राम का परम भक्त और संकटमोचक माना जाता है। मान्यता है कि वे आज भी अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और हर संकट में सहारा बनते हैं।
इस दिन की गई पूजा से भय, मानसिक तनाव और आर्थिक समस्याओं से राहत मिलने की बात कही जाती है। यही कारण है कि हर साल यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।