गुरुग्राम में बनेगा 755 करोड़ का सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर, NH-48 से वाटिका चौक तक मिलेगा सीधा रास्ता
Mar 11, 2026 11:03 AM
गुरुग्राम। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। गुरुग्राम मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) से वाटिका चौक तक सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) के विकास और संचालन के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है। करीब 755 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए तैयार किया जाएगा।
GMDA अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना के तहत लगभग 4.2 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर में चार-चार लेन का एलिवेटेड मार्ग होगा, जिससे वाहनों को बिना सिग्नल रुके गुजरने की सुविधा मिलेगी।
4.2 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
GMDA के अनुसार NH-48 और वाटिका चौक के बीच बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर सदर्न पेरिफेरल रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा। कॉरिडोर के दोनों ओर तीन-तीन लेन की मुख्य सर्विस रोड भी विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा दो-दो लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन भी बनाई जाएंगी ताकि स्थानीय ट्रैफिक और मुख्य ट्रैफिक अलग-अलग रास्तों से चल सके। इससे वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और जाम की स्थिति कम होगी।
प्रमुख जंक्शनों पर बनाए जाएंगे रैंप
परियोजना में ट्रैफिक संचालन को सुचारू रखने के लिए कई जंक्शनों पर टू-लेन अप और डाउन रैंप बनाए जाएंगे। इन रैंप के जरिए वाहनों को एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने और उतरने में सुविधा होगी।
NH-48 पर एक आधुनिक इंटरचेंज भी प्रस्तावित है। इस इंटरचेंज से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे लंबी दूरी के वाहन बिना रुकावट आगे बढ़ सकेंगे।
दूसरे चरण में वाटिका चौक इंटरचेंज
परियोजना के दूसरे चरण में वाटिका चौक पर एक अतिरिक्त इंटरचेंज विकसित किया जाएगा। यह इंटरचेंज सदर्न पेरिफेरल रोड और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
इसके बाद सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और NH-48 के बीच आवाजाही पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान होने की उम्मीद है।
राजीव चौक और सुभाष चौक के जाम से राहत
अभी द्वारका एक्सप्रेसवे, दक्षिण गुरुग्राम और जयपुर की ओर से आने वाले वाहनों को सोहना या फरीदाबाद की तरफ जाते समय अक्सर राजीव चौक और सुभाष चौक जैसे व्यस्त चौराहों से गुजरना पड़ता है। यही वजह है कि इन जंक्शनों पर दिनभर भारी ट्रैफिक जाम बना रहता है।
नया एलिवेटेड कॉरिडोर इन मार्गों के लिए एक वैकल्पिक और सीधा रास्ता देगा। इससे वाहनों को कम समय में सफर तय करने में मदद मिलेगी और शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।
आसपास के सेक्टरों को मिलेगा सीधा फायदा
इस कॉरिडोर का सीधा लाभ सदर्न गुरुग्राम के कई रिहायशी और व्यावसायिक सेक्टरों को मिलेगा। इन क्षेत्रों से हाईवे तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी।
प्रशासन ने इस परियोजना को करीब ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। यदि निर्माण तय समय पर पूरा होता है तो गुरुग्राम के ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।