ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो से पहले सुधरेंगी सड़कें, GMDA ने 34 रास्तों की मरम्मत के लिए जारी किए टेंडर
Mar 22, 2026 5:37 PM
गुरुग्राम। गुरुग्राम के ट्रैफिक और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से परेशान रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। GMDA ने शहर के बुनियादी ढांचे को नया रूप देने के लिए एक बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-24 से सेक्टर-57 के बीच फैले 34 महत्वपूर्ण सड़क खंडों की मरम्मत की जाएगी। अथॉरिटी के कार्यकारी अभियंता अमित गोदारा के मुताबिक, इस योजना का मुख्य फोकस उन सड़कों पर है जहाँ से रोजाना लाखों लोग दफ्तरों और घरों के लिए आवाजाही करते हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर मशीनों की गड़गड़ाहट सड़कों पर सुनाई देने लगेगी।
सिर्फ पैचवर्क नहीं, सेफ्टी और सर्विस रोड पर भी रहेगा जोर
अक्सर देखा जाता है कि सड़कों पर केवल गड्ढे भर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार GMDA का विजन थोड़ा विस्तृत है। योजना के अनुसार, केवल मुख्य सड़कों की ही नहीं, बल्कि सर्विस रोड की भी मरम्मत की जाएगी ताकि पीक ऑवर्स के दौरान ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके। पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए टूटे हुए फुटपाथों को नया रूप दिया जाएगा और डिवाइडरों को इतना मजबूत बनाया जाएगा कि वे दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक सिद्ध हों। साथ ही, सड़कों पर रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरण भी लगाए जाएंगे।
बारिश में नहीं थमेगी रफ़्तार: ड्रेनेज और ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो का कनेक्शन
गुरुग्राम की सबसे बड़ी समस्या 'जलभराव' का समाधान भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है। कृष्णा चौक से रेजांगला चौक और धनवापुर रोड जैसे इलाकों में बारिश के दौरान सड़कों का तालाब बनना आम बात है। इसे देखते हुए इन क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम और नालों की मरम्मत का काम प्रमुखता से किया जाएगा।
इस मरम्मत कार्य को भविष्य की 'ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो' परियोजना से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मेट्रो का काम शुरू होने पर इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा, जिसे संभालने के लिए सड़कों का दुरुस्त होना अनिवार्य है। अधिकारियों का मानना है कि 6 महीने के भीतर यह पूरा इलाका एक नए और व्यवस्थित अवतार में नजर आएगा।
"6 महीने में बदल जाएगी तस्वीर": अधिकारियों का दावा
GMDA के अधिकारियों ने साफ किया है कि काम की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि सरकारी पैसा बर्बाद न हो। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि वाहनों के मेंटेनेंस का खर्चा भी कम होगा। गुरुग्राम की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के लिहाज से इन सड़कों का सुधरना शहर के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।