गुरुग्राम मानेसर में बवाल: 7000 कर्मचारियों की हड़ताल और पुलिस लाठीचार्ज, धारा 163 लागू
Apr 09, 2026 10:55 AM
गुरुग्राम। गुरुग्राम का औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी मानेसर बुधवार से ही रणक्षेत्र बना हुआ है। वेतन बढ़ाने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर आधा दर्जन से अधिक नामी कंपनियों के करीब 7,000 संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। आंदोलन की शुरुआत होंडा स्कूटर एंड मोटरसाइकिल इंडिया (HMSI) से हुई, लेकिन देखते ही देखते इसकी आग आसपास की अन्य कंपनियों तक फैल गई। गुरुवार सुबह स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब काम पर वापस लौटने के बजाय कर्मचारी फैक्ट्रियों के गेट पर जमा होकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने जब उन्हें हटाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया।
पुलिस से भिड़ंत और मोबाइल छीनने के आरोप
बुधवार को जब हजारों की संख्या में कर्मचारी एसडीएम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे, तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और श्रमिकों के बीच काफी देर तक तनातनी चलती रही। पुलिस सूत्रों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से न केवल बदसलूकी की, बल्कि उनके मोबाइल फोन तक छीनने का प्रयास किया। माहौल को बिगड़ता देख जिला मजिस्ट्रेट और उपायुक्त अजय कुमार ने तत्काल प्रभाव से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करने के आदेश जारी कर दिए। इसके तहत अब किसी भी स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है।
सरकार की अपील के बावजूद नहीं थमा गुस्सा
हैरानी की बात यह है कि बुधवार को सरकार और यूनियन के बीच हुई बातचीत के बाद विरोध मार्च वापस लेने का फैसला किया गया था। सरकार ने कर्मचारियों को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार सुबह सैकड़ों कर्मचारी फैक्ट्रियों के बाहर एकजुट हो गए। पुलिस ने सुबह करीब 8:30 बजे सख्ती दिखाते हुए लाठीचार्ज किया और गेट के बाहर जमे श्रमिकों को वहां से हटाया। बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी इस आंदोलन की अगली कतार में खड़ी दिखीं, जिनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में वर्तमान वेतन पर गुजारा करना नामुमकिन हो गया है।
औद्योगिक शांति पर संकट के बादल
गुरुग्राम की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मानेसर में इस तरह का टकराव उद्योगों के लिए शुभ संकेत नहीं है। फिलहाल पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है और भारी सुरक्षा बल तैनात है। कंपनियों के प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है ताकि उत्पादन को दोबारा सुचारू किया जा सके। हालांकि, कर्मचारियों का एक गुट अब भी अड़ा हुआ है कि जब तक वेतन वृद्धि की ठोस घोषणा नहीं होती, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। धारा 163 लागू होने के बाद पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या भीड़ जुटने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।