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हरियाणा में औद्योगिक क्रांति: 50 हजार करोड़ का निवेश और 10 नए IMT लाएंगे रोजगार की बाढ़

Apr 09, 2026 1:39 PM

हरियाणा। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए 'औद्योगिक सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका लक्ष्य हरियाणा को केवल उत्तर भारत का ही नहीं, बल्कि दुनिया का 'डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस' बनाना है। इसी कड़ी में सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सरकार का मानना है कि जब उद्योग आएंगे, तभी युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इसके लिए बजट में उद्योग विभाग की झोली 129 प्रतिशत अतिरिक्त फंड से भर दी गई है, जो सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

जमीन की किल्लत और कीमतों का निकाला समाधान

अक्सर निवेशक औद्योगिक जमीनों की आसमान छूती कीमतों के कारण हाथ पीछे खींच लेते थे। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने 'लैंड ऑन लीज' नीति पेश की है। अब उद्यमियों को जमीन खरीदने के लिए भारी-भरकम पूंजी फंसाने की जरूरत नहीं होगी; वे दीर्घकालीन लीज पर प्लॉट लेकर काम शुरू कर सकेंगे। इतना ही नहीं, जो उद्यमी पहले से प्लॉट लेकर निर्माण नहीं कर पाए थे, उन्हें राहत देते हुए 'रिजंपशन' (प्लॉट वापसी) की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। अंबाला, तोशाम, जींद और रेवाड़ी जैसे इलाकों में नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

लालफीताशाही पर लगाम: 45 दिन में डिजिटल सर्टिफिकेट

निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए 'फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट' व्यवस्था शुरू की गई है। अब निवेशक को महज 45 कार्यदिवसों के भीतर डिजिटल प्रमाण पत्र मिल जाएगा, जिसके आधार पर वह पर्यावरण और निर्माण से जुड़ी मंजूरियां हासिल कर सकेगा। साथ ही, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मानेसर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में 'सिंगल विंडो' सचिवालय स्थापित किए जा रहे हैं, जहां सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि सरकारी विभाग किसी उद्यमी का भुगतान रोकते हैं, तो उन्हें 8 फीसदी ब्याज देना होगा।

आधी आबादी को पूरा हक: महिलाओं के स्टार्टअप पर विशेष जोर

इस बार के औद्योगिक रोडमैप में महिलाओं को 'गेम चेंजर' के रूप में देखा गया है। स्टार्टअप्स में महिलाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 60 फीसदी करने का लक्ष्य है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक 'मातृ शक्ति औद्योगिक कैच नेटवर्क' (क्रेच सुविधाएं) शुरू किए जा रहे हैं। नीति आयोग के सहयोग से 'महिला उद्यमिता मंच' का हरियाणा चैप्टर भी जल्द धरातल पर उतरेगा, जिससे महिला उद्यमियों को ग्लोबल नेटवर्किंग का मौका मिलेगा।

मुख्यमंत्री का सीधा संवाद बना गेम चेंजर

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद मैदान में हैं और देश-विदेश के दिग्गज उद्योगपतियों से वन-टू-वन मीटिंग कर रहे हैं। 'मेक इन हरियाणा' मिशन के तहत विदेशी कंपनियों ने भी राज्य में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि उद्योगों के लिए तैयार किया गया यह 'पॉजिटिव ईकोसिस्टम' न केवल राज्य के विकास के पहिए को गति देगा, बल्कि आने वाले समय में हजारों-लाखों युवाओं को उनके घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार मुहैया कराएगा। 2047 के 'विकसित भारत' के सपने में हरियाणा की भूमिका अब एक इंजन की तरह नजर आ रही है।

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