गुरुग्राम में ऑनलाइन फ्रेंडशिप का खौफनाक अंत: युवक को पहाड़ियों में ले जाकर पीटा, फिर की लूट
May 08, 2026 12:00 PM
गुरुग्राम। साइबर सिटी में ऑनलाइन दोस्ती के जरिए शिकार फंसाने वाला एक बेहद शातिर गिरोह सक्रिय है, जिसकी चपेट में आकर एक युवक को अपनी जान और माल दोनों पर बन आई। आईएमटी मानेसर थाना क्षेत्र में एक युवक को पहले बातों के जाल में फंसाया गया और फिर मिलने के बहाने बुलाकर उसका अपहरण कर लिया गया। वारदात के दौरान बदमाशों ने युवक के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके बैंक खाते में भी सेंध लगा दी। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस गिरोह के चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पहाड़ियों के सन्नाटे में ले जाकर दी दरिंदगी और धमकी
पीड़ित युवक ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि यह पूरी साजिश 4 मई की रात को रची गई। आरोपियों ने उसे मिलने बुलाया और जैसे ही वह वहां पहुंचा, उसे जबरन एक स्विफ्ट कार में खींच लिया गया। बदमाश उसे कासन की सुनसान पहाड़ियों की ओर ले गए। वहां सन्नाटे का फायदा उठाकर आरोपियों ने युवक को बंधक बना लिया और बेरहमी से पिटाई की। बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और डरा-धमकाकर उसके बैंक खाते का पासवर्ड हासिल कर लिया।
खाते से पैसे उड़ाए, फिरौती के लिए बनाया दबाव
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता अशोक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बदमाशों ने युवक के मोबाइल का इस्तेमाल कर उसके खाते से तुरंत 2,500 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। यहीं नहीं, बदमाशों की भूख इतनी शांत नहीं हुई; उन्होंने युवक को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की और मांग शुरू कर दी। किसी तरह मौका पाकर युवक बदमाशों के चंगुल से भाग निकला और सीधे पुलिस थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई।
नशे की लत ने बनाया अपराधी, किराए की कार से दी वारदात को अंजाम
अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) मानेसर की टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से चारों आरोपियों को धर दबोचा। इनकी पहचान आशीष, नरेश कुमार, शिवम और आशु के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला है। आरोपी नरेश पेशे से रैपिडो चालक है और आशु एक परचून की दुकान चलाता है। आरोपियों ने कबूल किया कि वे नशे के भारी आदी हैं और अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए पैसे जुटाने के मकसद से उन्होंने इस वारदात की साजिश रची थी। वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार चरखी दादरी से किराए पर ली गई थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन्होंने पहले भी किसी और को अपना शिकार बनाया है।