Karnal Crime: 30 साल के युवक से ब्याही 16 साल की नाबालिग, अब 5 महीने की है गर्भवती
Jun 06, 2026 12:16 PM
करनाल। हरियाणा के करनाल में सामाजिक ताने-बाने और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर एक नाबालिग लड़की की शादी अधेड़ उम्र के युवक से करने का संगीन मामला उजागर हुआ है। बाल कल्याण समिति (CWC) की सतर्कता के बाद जब इस मामले की परतें खुलीं, तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जांच में साफ हुआ है कि जिस वक्त यह शादी रचाई गई, उस समय लड़की की उम्र 18 साल की कानूनी सीमा से काफी कम थी। हद तो यह है कि इस बाल विवाह के बाद महज 16 साल की यह किशोरी अब पांच महीने की गर्भवती हो चुकी है, जिससे उसके स्वास्थ्य पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है।
बीती 20 जनवरी को हुआ था ब्याह, सिरसा से कैथल और फिर करनाल पहुंचा परिवार
यह पूरा मामला इस साल 20 जनवरी को हुई एक शादी से जुड़ा है। मूल रूप से सिरसा जिले के एक गांव की रहने वाली इस नाबालिग लड़की की शादी कैथल के एक गांव के रहने वाले युवक से तय की गई थी। शादी के बाद यह परिवार करनाल की एक कॉलोनी में किराए पर रहने आ गया। इस बीच, 30 मार्च को बाल कल्याण समिति को इस बाल विवाह की भनक लगी, जिसके बाद संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की। करीब दो महीने तक चली इस जांच की विस्तृत रिपोर्ट करनाल के पुलिस अधीक्षक (SP) को भेजी गई थी।
स्कूल रिकॉर्ड ने खोली पोल, दूल्हे की उम्र निकली 31 साल
जांच टीम के सामने जब लड़की के स्कूल त्याग प्रमाण पत्र (SLC) से जुड़े दस्तावेज पेश किए गए, तो उसमें उसकी जन्मतिथि 9 दिसंबर 2009 पाई गई। इस लिहाज से 20 जनवरी को शादी के दिन लड़की की उम्र महज 16 साल 1 महीना और 11 दिन बैठती है। इसके उलट, जब दूल्हे के कागजात खंगाले गए तो उसके स्कूल सर्टिफिकेट में जन्मतिथि 27 मई 1995 मिली, जबकि पैन कार्ड में यह 1 जनवरी 1995 दर्ज थी। यानी शादी के वक्त दूल्हे की उम्र करीब 31 साल थी, जो लड़की की उम्र से लगभग दोगुनी है।
पिता ने खुद कबूला सच, महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी गई जांच
मामले की जांच के दौरान युवक के पिता खुद अधिकारियों के सामने पेश हुए और उन्होंने परिवार की पूरी स्थिति बयां करते हुए दोनों के दस्तावेज सौंपे। चूंकि यह सीधे तौर पर बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, इसलिए जिला पुलिस तुरंत एक्शन में आई। 6 जून को करनाल के थाना शहर में इस बाबत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कप्तान के निर्देश पर इस संवेदनशील मामले की कमान पीएसआई (प्रोबेशनर सब-इंस्पेक्टर) सुमनलता को सौंपी गई है, जो अब लड़की के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में ला रही हैं।