FNG Expressway: फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद के बीच सफर होगा सुपरफास्ट, ₹7500 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी
May 21, 2026 1:13 PM
हरियाणा। दिल्ली-एनसीआर की रीढ़ कहे जाने वाले तीन सैटेलाइट शहरों— फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का एक बड़ा सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रशासन ने बहुप्रतीक्षित एफएनजी (FNG) एक्सप्रेसवे परियोजना की फाइलों पर जमी धूल को साफ कर दिया है। 65 किलोमीटर लंबा यह नया एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पूरे एनसीआर के ट्रैफिक मैप को बदलकर रख देगा। सबसे खास बात यह है कि इस रूट को भविष्य में सीधे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है, जिससे औद्योगिक और रिहायशी दोनों ही क्षेत्रों को जबरदस्त बूम मिलेगा।
गाजियाबाद से फरीदाबाद का रूट और बजट का पूरा गणित
₹7500 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट की रूपरेखा बेहद रणनीतिक तरीके से तैयार की गई है। इस नए रूट का शुरुआती पॉइंट गाजियाबाद का टेक्नो सिटी इलाका होगा। यहां से रफ्तार पकड़कर यह एक्सप्रेसवे नोएडा के प्रमुख सेक्टरों को चीरता हुआ सीधा फरीदाबाद की सीमा में एंट्री करेगा। हाईवे अथॉरिटी के सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के साथ इस नए अलाइनमेंट को सिंक किया जाएगा, ताकि यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड के बीच एक निर्बाध यातायात ढांचा तैयार हो सके।
आश्रम और कालिंदी कुंज के 'टॉर्चर' से मिलेगी हमेशा के लिए निजात
वर्तमान में फरीदाबाद से नोएडा या गाजियाबाद जाने की सोच कर ही चालकों का पसीना छूट जाता है। लोगों को मजबूरी में दिल्ली के कालिंदी कुंज, आश्रम फ्लाईओवर या फिर डीएनडी महाजाम से होकर गुजरना पड़ता है। पीक ऑवर्स के दौरान इन रास्तों पर दो से ढाई घंटे का समय सिर्फ रेंगने में बर्बाद हो जाता है। एफएनजी एक्सप्रेसवे के धरातल पर उतरते ही फरीदाबाद से नोएडा और गाजियाबाद के बीच की दूरी महज चंद मिनटों में सिमट जाएगी। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के बॉर्डर वाले इलाकों को छुए बिना बाहर से बाहर ट्रैफिक को निकाल देगा, जिससे राजधानी दिल्ली के अंदरूनी रास्तों को भी ट्रैफिक लोड से बड़ी राहत मिलेगी।
उद्योगों और रियल एस्टेट को लगेंगे पंख, उत्तराखंड की राह होगी आसान
इस एक्सप्रेसवे के बनने से सिर्फ सफर ही आसान नहीं होगा, बल्कि फरीदाबाद और नोएडा के औद्योगिक क्लस्टर्स के बीच माल ढुलाई की लागत और समय में भारी कमी आएगी। गाजियाबाद के टेक्नो सिटी से लेकर फरीदाबाद के औद्योगिक इलाकों तक लॉजिस्टिक्स मूवमेंट सुपरफास्ट हो जाएगा। इसके अलावा, फरीदाबाद और नोएडा के निवासियों को अब उत्तराखंड की तरफ जाने के लिए दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर वाले शुरुआती पॉइंट तक आने की मजबूरी नहीं रहेगी। वे अपने शहर से सीधे एफएनजी पकड़कर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे और महज कुछ घंटों में पहाड़ों की वादियों तक का सफर तय कर लेंगे।