Search

हरियाणा सरकारी नौकरी अलर्ट: आज से बेकार हुए पुराने BC और EWS सर्टिफिकेट, ऐसे बनवाएं नया

Apr 01, 2026 12:19 PM

हरियाणा। हरियाणा के प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए आज यानी 1 अप्रैल की सुबह एक जरूरी अलर्ट लेकर आई है। प्रदेश में पिछड़ा वर्ग (A और B श्रेणी) तथा EWS कोटे के तहत मिलने वाले आरक्षण के नियमों में बड़ा फेरबदल हुआ है। दरअसल, इन श्रेणियों के प्रमाणपत्र सीधे तौर पर परिवार की वार्षिक आय से जुड़े होते हैं, और जैसे ही नया वित्त वर्ष शुरू होता है, पुराने आय संबंधी आंकड़े तकनीकी रूप से अमान्य हो जाते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने मार्च 2026 तक कोई फॉर्म भरा है तो ठीक, लेकिन आज के बाद निकलने वाली किसी भी नई भर्ती में पुराने सर्टिफिकेट रद्दी के समान होंगे।

HSSC चेयरमैन की दोटूक: दस्तावेज दुरुस्त करने में न बरतें ढिलाई

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट साझा कर युवाओं को आगाह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल से आरक्षण का नया चक्र शुरू हो चुका है। अभ्यर्थियों को यह समझना होगा कि आय आधारित प्रमाणपत्रों की लाइफ-लाइन केवल एक वित्त वर्ष की होती है। चेयरमैन ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आखिरी समय की अफरा-तफरी से बचने के लिए अभी से अपने नए प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दें, ताकि भविष्य में आने वाले विज्ञापनों में किसी तकनीकी खामी की वजह से उनका दावा खारिज न हो।

जनवरी में बना सर्टिफिकेट भी फेल, जानें क्यों?

अक्सर उम्मीदवारों के मन में यह उलझन रहती है कि यदि उन्होंने दो-तीन महीने पहले ही सर्टिफिकेट बनवाया है, तो वह अमान्य क्यों होगा? नियम यह है कि BC और EWS सर्टिफिकेट 'क्रीमी लेयर' और 'नॉन-क्रीमी लेयर' के आय स्लैब पर टिके होते हैं। 31 मार्च को पुराना वित्त वर्ष खत्म होते ही आपकी आय की गणना नए वित्तीय वर्ष के आधार पर होती है। ऐसे में जनवरी या फरवरी 2026 में बनवाया गया आय प्रमाणपत्र भी नई भर्तियों की कट-ऑफ डेट के हिसाब से पुराना माना जाएगा।

युवाओं पर क्या होगा असर?

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन भर्तियों पर पड़ेगा जिनके विज्ञापन अप्रैल या मई महीने में जारी होने वाले हैं। जो युवा ग्रुप-C या ग्रुप-D की आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके पास अब नए सिरे से अपनी श्रेणी सिद्ध करने का टास्क होगा। जानकारों का कहना है कि डिजिटल माध्यम (परिवार पहचान पत्र) के चलते अब सर्टिफिकेट बनवाना पहले से आसान तो है, लेकिन डेटा अपडेट होने में समय लग सकता है। इसलिए, युवाओं को चाहिए कि वे 'पीपीपी' (PPP) में अपनी आय की वेरिफिकेशन चेक कर लें और जल्द से जल्द संबंधित तहसील या पोर्टल के माध्यम से नए दस्तावेज तैयार करवा लें।

You may also like:

Please Login to comment in the post!