हरियाणा बोर्ड की सख्ती, 291 नकलची पकड़े और 61 शिक्षकों की ड्यूटी खत्म
Mar 23, 2026 11:51 AM
हरियाणा। भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में इस बार 'पर्ची सिस्टम' और नकल के भरोसे बैठने वाले छात्रों की शामत आई हुई है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार के नेतृत्व में गठित फ्लाइंग स्क्वाड की ताबड़तोड़ छापेमारी ने नकलचियों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न केंद्रों से अब तक 291 छात्र अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए रंगे हाथों दबोचे गए हैं। इन सभी के खिलाफ यूएमसी (UMC) केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि नकल रोकने में नाकाम रहे 61 कर्मचारियों को भी बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से कार्यभार मुक्त (Relieve) कर घर भेज दिया है।
नूंह, जींद और सोनीपत में उड़नदस्तों की पैनी नजर
बोर्ड की विशेष टीमों ने नूंह, जींद और सोनीपत जैसे संवेदनशील जिलों में डेरा डाल रखा है। छापेमारी के दौरान चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जहाँ छात्र मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और माइक्रो-पर्चियों के सहारे उत्तर लिखने की कोशिश कर रहे थे। जींद में तो हद ही हो गई जब एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के मोबाइल में प्रश्नपत्र की 'आंसर-की' मिली, जिसके बाद बोर्ड प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर पर मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
QR कोड और डिजिटल सर्विलांस ने बदली तस्वीर
इस बार बोर्ड ने नकल रोकने के लिए पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक 'डिजिटल पहचान' का सहारा लिया है। हर प्रश्नपत्र पर एक विशिष्ट QR कोड अंकित है। यदि कोई भी छात्र या कर्मचारी पेपर की फोटो खींचकर बाहर भेजने की हिमाकत करता है, तो बोर्ड का हाई-टेक कंट्रोल रूम तुरंत उस सेंटर और संबंधित छात्र की पहचान कर लेता है। प्रदेश के अधिकांश केंद्रों को सीधे भिवानी मुख्यालय से जोड़कर लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे 'मुन्नाभाइयों' के लिए राह मुश्किल हो गई है।
लापरवाह स्टाफ पर गिरेगी गाज, वसूलेंगे दोबारा परीक्षा का खर्च
बोर्ड ने शिक्षकों और केंद्र अधीक्षकों को भी दोटूक चेतावनी दी है। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले 61 कर्मचारियों को हटाने के बाद बोर्ड ने नया फरमान जारी किया है। यदि किसी केंद्र पर सामूहिक नकल की पुष्टि होती है और वहां दोबारा परीक्षा करानी पड़ती है, तो उसका पूरा वित्तीय भार दोषी स्टाफ से वसूला जाएगा। इसके अलावा, गंभीर मामलों में नकल करने वाले छात्रों को आगामी 1 से 3 साल तक परीक्षाओं से प्रतिबंधित (Debar) करने की तैयारी है। बोर्ड की इस सख्ती से साफ है कि इस बार केवल मेहनत करने वाले छात्रों का ही बोलबाला रहेगा।