Haryana Farmers: हरियाणा के सूरजमुखी किसानों के लिए बड़ी खबर: सीएम नायब सैनी ने 60 दिनों के लिए दोबारा खुलवाया पोर्टल
Jun 06, 2026 11:22 AM
हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन सूरजमुखी उत्पादक किसानों की बड़ी चिंता दूर कर दी है, जो तकनीकी या अन्य कारणों से अपनी उपज की सरकारी खरीद के लिए समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए थे। पंचकूला में 'जाईका' वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना की शुरुआत और पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस राहत का ऐलान किया। उन्होंने मंच से ही अफसरों को हिदायत दी कि पोर्टल को तुरंत प्रभाव से अगले 60 दिनों के लिए री-ओपन किया जाए ताकि सूबे का एक भी पात्र किसान अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर न हो।
पिपली और भिवानी चिड़ियाघर का बदलेगा स्वरूप, बजट जारी
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल खेती-किसानी ही नहीं, बल्कि प्रदेश में इको-टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। कुरुक्षेत्र के पिपली चिड़ियाघर को आधुनिक लुक देने और वहां सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार ने 70 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। वहीं, भिवानी चिड़ियाघर के जीर्णोद्धार और नवीनीकरण पर भी 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से राज्य में वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद है।
सरस्वती वन में बनेगा पक्षी विहार, कलेसर का भी होगा विकास
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि सरकार जैव विविधता को सहेजने के लिए मुस्तैद है। इसी कड़ी में सरस्वती संरक्षण वन (सरस्वती फॉरेस्ट) के भीतर 55 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि से एक वर्ल्ड क्लास पक्षी विहार का निर्माण किया जाएगा। इस नए आशियाने से करीब 100 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों को संरक्षण मिलेगा। इसके अलावा, यमुनानगर के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में भी मूलभूत ढांचा सुधारने और सफारी व वन्यजीव पर्यटन को रफ्तार देने के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस साल लगेंगे डेढ़ करोड़ पौधे, नर्सरियों से प्लास्टिक की छुट्टी
पर्यावरण को सुदृढ़ करने के संकल्प को दोहराते हुए सीएम ने कहा कि इस साल वन विभाग पूरे प्रदेश में डेढ़ करोड़ नए पौधे रोपेगा। इनमें से 50 लाख पौधे आम जनता और संस्थाओं को मुफ्त बांटे जाएंगे। एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी नर्सरियों में अब पौधों के लिए इस्तेमाल होने वाले सिंगल-यूज प्लास्टिक बैग्स को पूरी तरह बंद कर बायोडिग्रेडेबल बैग्स को चलन में लाया जा रहा है। वहीं, नई पीढ़ी को इस मुहिम से जोड़ने के लिए 'पौधागिरी अभियान' के तहत प्रदेश के स्कूली बच्चों को इस सीजन में 20 लाख पौधे बांटे जाएंगे।