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Punjab News: संगरूर में बिजली कटौती से परेशान किसानों का रोष, एसडीओ के आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना, पावरकट से फसलें प्रभावित

Apr 29, 2026 5:10 PM

संगरूर: पंजाब के संगरूर जिले के भवानीगढ़ में बुधवार को किसानों ने बिजली कटौती के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन डकौंदा बुरजगिल के नेतृत्व में किसानों ने एसडीओ कार्यालय का घेराव कर अपनी नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बिजली कटौती से सिंचाई पर असर

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि गर्मी के मौसम में फसलों को अधिक पानी की जरूरत होती है। लेकिन बार-बार बिजली गुल होने से वे अपनी ट्यूबवेल मोटर नहीं चला पा रहे हैं। इसके चलते खेतों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है और फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

किसानों ने सरकार पर साधा निशाना

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को निर्बाध बिजली देने के बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली कटौती की जा रही है, जिससे किसानों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

किसान नेताओं ने दी चेतावनी

धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक नियमित बिजली नहीं मिलेगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

एसडीओ से हुई बातचीत

प्रदर्शन के दौरान एसडीओ रघवीर सिंह घराचों मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि भविष्य में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं की जाएगी।

आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना

अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वादों पर अमल नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। किसानों ने प्रशासन से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें।

गर्मी में बिजली की मांग बढ़ी

गर्मी के बढ़ते प्रभाव के कारण बिजली की मांग में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस स्थिति को संभालने के लिए ठोस योजना बनानी जरूरी है।

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