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यमुनानगर में सीएम फ्लाइंग का एक्शन: माइंड केयर नशा मुक्ति केंद्र पर छापा, रिकॉर्ड खंगालने में जुटी टीम

Apr 29, 2026 5:22 PM

यमुनानगर। नशे के काले कारोबार और सुधार के नाम पर चल रहे केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर हरियाणा सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में आज यमुनानगर के वर्कशॉप रोड स्थित 'माइंड केयर हॉस्पिटल डी-एडिक्शन सेंटर' पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने पूरी योजना के साथ दबिश दी। इस औचक निरीक्षण ने न केवल अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पांव फुला दिए, बल्कि शहर में चल रहे अन्य निजी केंद्रों में भी हड़कंप मच गया।

विशेषज्ञों के साथ पहुँची 'फ्लाइंग' की टीम

यह कार्रवाई केवल एक रूटीन चेकअप नहीं थी, बल्कि इसमें स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग के उच्चाधिकारियों को भी शामिल किया गया था। टीम में जिला ड्रग कंट्रोलर, सोशल वेलफेयर अधिकारी और सिविल अस्पताल के डॉक्टर नितिन विशेष तौर पर मौजूद रहे। टीम के पहुँचते ही अस्पताल के गेटों को एक तरह से सील कर दिया गया और रिकॉर्ड रूम से लेकर वार्डों तक की तलाशी शुरू कर दी गई।

दो हिस्सों में बंटकर खंगाला कोना-कोना

जांच की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने दो हिस्सों में बंटकर एक साथ पड़ताल शुरू की। एक टीम ने जहां भर्ती मरीजों की संख्या और उनके उपचार के रिकॉर्ड खंगाले, वहीं दूसरी टीम ने मेडिकल स्टोर और दवाइयों के स्टॉक रजिस्टर पर ध्यान केंद्रित किया। अधिकारियों ने यह मिलान किया कि मरीजों को दी जा रही दवाइयों की खपत क्या कागजों में दर्ज स्टॉक से मेल खाती है या फिर यहां भी कोई 'घपला' चल रहा है।

दवाइयों और मानकों की सघन जांच

ड्रग कंट्रोलर की देखरेख में नशा मुक्ति केंद्र में इस्तेमाल होने वाली विशेष दवाओं के रखरखाव और उनके लाइसेंस की जांच की गई। टीम ने यह भी देखा कि क्या केंद्र में निर्धारित मानकों के अनुसार डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद है। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। इस दौरान टीम ने कई अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है, जिनकी बारीकी से समीक्षा की जा रही है।

सवालों के घेरे में अस्पताल प्रबंधन

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से कई तीखे सवाल पूछे, जिनका वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सूत्रों की मानें तो रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं, जिन पर टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। फिलहाल मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। इस छापेमारी ने यह साफ कर दिया है कि नशा मुक्ति के नाम पर अनियमितताएं बरतने वाले संस्थानों पर अब सरकार की सीधी नजर है।

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