हरियाणा सरकार का तोहफा: 1 लाख बच्चों को मिलेंगे 1-1 हजार रुपये, जानें कैसे उठाएं लाभ
Mar 22, 2026 11:50 AM
हरियाणा। शिक्षा के स्तर को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक और चुनावी वादे को अमलीजामा पहना दिया है। हरियाणा सरकार अब प्रदेश की बाल वाटिकाओं (प्री-नर्सरी) में दाखिला लेने वाले करीब एक लाख नौनिहालों को पढ़ाई की शुरुआत के लिए 'स्टार्टअप किट' के रूप में 1-1 हजार रुपये की मदद देगी। हाल ही में संपन्न हुए बजट सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस घोषणा को अब नए शैक्षणिक सत्र से लागू करने की हरी झंडी मिल गई है। इस पहल का सीधा मकसद गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं सरकारी ढांचे में ही उपलब्ध कराना है।
वर्दी के लिए 800 और किताबों के लिए 200 रुपये: ऐसे बंटेगी राशि
शिक्षा विभाग ने इस 1000 रुपये की सहायता राशि का पूरा खाका तैयार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों को स्कूल की वर्दी (यूनिफॉर्म) खरीदने के लिए 800 रुपये दिए जाएंगे, जबकि शेष 200 रुपये स्कूल बैग और बुनियादी किताबों व कॉपियों के लिए होंगे। योजना की सबसे खास बात यह है कि यह पैसा किसी ठेकेदार या स्कूल प्रबंधन को देने के बजाय सीधे 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के जरिए बच्चों के खातों में जमा होगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और अभिभावक अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से बच्चों के लिए सामान खरीद सकेंगे।
नए सत्र से मिलेगी सुविधा, भविष्य के छात्रों को भी लाभ
सरकार का यह फैसला केवल वर्तमान छात्रों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जो बच्चे बाल वाटिका में दाखिला लेंगे, वे इस आर्थिक मदद के हकदार होंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस कदम से सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी लेवल पर दाखिलों की संख्या में भारी उछाल आएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां अभिभावक बच्चों की शुरुआती पढ़ाई के खर्च को लेकर चिंतित रहते थे, उनके लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।
शिक्षा विभाग ने कसी कमर, डेटा जुटाना शुरू
योजना को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEA) को निर्देश जारी कर दिए हैं। बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले बच्चों का डेटा और उनके बैंक अकाउंट की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि नए सत्र की शुरुआत होते ही बिना किसी देरी के 10 करोड़ रुपये की कुल राशि वितरित की जा सके। जानकारों का कहना है कि हरियाणा सरकार की यह 'बाल वाटिका' नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उस विजन को पूरा करती है, जिसमें शुरुआती बचपन की देखभाल और शिक्षा (ECCE) पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है।