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College Wali Chhori: 'कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के' गाने पर भड़का हरियाणा रोडवेज, चक्का जाम की बड़ी चेतावनी

Jun 18, 2026 11:02 AM

हरियाणा। हरियाणा में हाल ही में रिलीज हुए एक लोकगीत को लेकर रोडवेज कर्मचारियों और कलाकारों के बीच तकरार बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। बीते 24 मई को नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए गाने "कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के" के खिलाफ हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। हिसार, भिवानी समेत कई जिलों के डिपो कर्मचारियों ने सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस विवादित गाने को सोशल मीडिया से नहीं हटाया गया या इसके बोल नहीं बदले गए, तो वे बसों के पहिये थामकर पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू कर देंगे।

कंडक्टरों के सम्मान पर चोट, हिसार में जुटने लगीं कर्मचारी यूनियनें

हिसार डिपो में सांझा मोर्चा के प्रतिनिधि संदीप कुमार का कहना है कि इस गाने में रोडवेज कंडक्टरों के पेशे और छात्राओं को लेकर बेहद भ्रामक और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। गीत के बोल 'दो नंबर की सीट हमेशा उसके खातिर बुक राखे' और 'उसके चक्कर में ऊके गांव की छोरी चार फ्री कर दी' जैसी लाइनों से समाज में सरकारी कर्मचारियों की गलत छवि बन रही है। यूनियन नेताओं का तर्क है कि आने वाले शादियों के सीजन में जब यह गाना सरेआम बजेगा, तो अपनी बेटियों के साथ समारोह में मौजूद किसी भी कंडक्टर के लिए यह स्थिति बेहद असहज और दुखद होगी।

पुलिस की सुस्ती से बढ़ा रोष, थानों में शिकायतें दर्ज

कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि हिसार सिटी थाने में लिखित शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की है। रोडवेज सांझा मोर्चा ने रणनीति बनाई है कि भिवानी, जींद और गुरुग्राम के बाद अब राज्य के अन्य जिलों में भी एफआईआर के लिए आवेदन दिए जाएंगे। गुरुवार को हिसार डिपो में आठ अलग-अलग कर्मचारी इकाइयों के अध्यक्षों की एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें शुक्रवार को दोबारा थाने कूच करने और आगे की रणनीति पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी है।

एक्टर नवीन नारू का पलटवार, कहा- 'बेशक एफआईआर करा लो, गाना डिलीट नहीं होगा'

दूसरी ओर, बढ़ते विवाद के बीच इस गाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले हरियाणवी कलाकार नवीन नारू ने भी बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नवीन नारू ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस गाने को बनाने में उनकी पांच लाख रुपये की गाढ़ी कमाई खर्च हुई है और इसमें कुछ भी गैर-कानूनी या अश्लील नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाजार में 'खरबूजे जैसी तेरी जवानी' या बदमाशी को बढ़ावा देने वाले दूसरे गाने धड़ल्ले से चल रहे हैं, तो सिर्फ उनके गीत को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है।

महिला आयोग की नजर, रील बनाने पर सियासत तेज

इस पूरे घटनाक्रम पर हरियाणा महिला आयोग की ओर से भी बयान सामने आया है, जिसके मुताबिक अभी तक उनके पास इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही लिखित शिकायत मिलेगी, गाने की समीक्षा करके तुरंत संज्ञान लिया जाएगा। इस बीच सोशल मीडिया पर कॉलेज की छात्राओं और यहां तक कि कुछ दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के कर्मचारियों द्वारा इस गाने पर रील्स बनाने का सिलसिला जारी है, जिसे लेकर विवाद की आग और भड़क गई है।

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