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HSSC Update: अब दौड़ पूरी होते ही स्क्रीन पर दिखेगा समय, चेयरमैन हिम्मत सिंह ने किया बड़ा एलान

Jun 13, 2026 12:49 PM

हरियाणा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) इन दिनों सरकारी भर्तियों को लेकर उठने वाले सवालों और विवादों को खत्म करने के लिए 'एक्शन मोड' में नजर आ रहा है। आयोग ने सिपाही भर्ती के लिए होने वाली शारीरिक पात्रता परीक्षा (PST) में एक बड़ा बदलाव करते हुए हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू कर दिया है। आयोग के नवनियुक्त चेयरमैन हिम्मत सिंह ने बताया कि अब अभ्यर्थियों को अपने फिजिकल टेस्ट के नतीजों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जैसे ही कोई उम्मीदवार दौड़ की फिनिशिंग लाइन पार करेगा, उसका सटीक समय वहां लगी बड़ी डिजिटल स्क्रीन पर लाइव प्रदर्शित हो जाएगा। इस व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी कई गुना बढ़ जाएगी।

तकनीक के इस्तेमाल से खत्म होगा 'मानवीय खेल'

अक्सर शारीरिक परीक्षाओं में समय की हेराफेरी या पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन एचएसएससी ने इस बार तकनीक का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे भेदना नामुमकिन है। अभ्यर्थियों के पैरों में विशेष इलेक्ट्रॉनिक चिप बांधी जा रही है, जो ट्रैक पर लगे सेंसर से कनेक्टेड रहती है। चेयरमैन का कहना है कि इस डिजिटल रिकॉर्डिंग से मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो गई है। उम्मीदवार अपना प्रदर्शन खुद अपनी आंखों से देख सकेंगे, जिससे परिणाम को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या आशंका की स्थिति पैदा नहीं होगी। यह सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि हर उस युवा को मौका मिले जो अपनी मेहनत और स्टेमिना के दम पर दौड़ पूरी करता है।

"मेरिट ही एकमात्र पैमाना": युवाओं का भरोसा जीतना प्राथमिकता

भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं के बीच अक्सर एक डर बना रहता है, जिसे दूर करना आयोग के लिए बड़ी चुनौती रही है। चेयरमैन हिम्मत सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि आयोग का लक्ष्य केवल 'मेरिट' को आधार बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चयन प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिस पर प्रदेश के हर युवा को अटूट भरोसा हो। विशेषज्ञों का भी मानना है कि रियल-टाइम डिस्प्ले सिस्टम जैसे नवाचारों से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में आने वाली कानूनी अड़चनों में भी कमी आएगी। जब डेटा डिजिटल और पब्लिक होगा, तो शिकायतों की गुंजाइश अपने आप कम हो जाएगी।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का नया युग

एचएसएससी की इस पहल को प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए चल रहे सुधारों की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। आयोग अब केवल लिखित परीक्षा ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर होने वाले शारीरिक परीक्षणों को भी फुलप्रूफ बनाने में जुटा है। अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया की रफ्तार भी बढ़ेगी और रिकॉर्ड को मेंटेन करना भी आसान होगा। कुल मिलाकर, हरियाणा के युवाओं के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि अब खेल के मैदान से लेकर आयोग के दफ्तर तक, केवल उनकी काबिलियत ही उनकी सफलता का रास्ता तय करेगी।

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