Jhajjar Police Encounter: झज्जर पुलिस ने पत्नी और बाप-बेटे के हत्यारे संजय बिरधाना को मार गिराया
Jun 20, 2026 11:29 AM
झज्जर। हरियाणा का झज्जर जिला एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। झज्जर के बहुचर्चित विजय सैनी और अंजलि हत्याकांड का मास्टरमाइंड और कुख्यात अपराधी संजय बिरधाना शुक्रवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इस पूरे ऑपरेशन को सीआईए झज्जर और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। कानून-व्यवस्था और अपराध पर लगाम लगाने के दावों के बीच झज्जर पुलिस के लिए यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी बड़ी कामयाबी है। इससे पहले इसी हत्याकांड के एक और आरोपी इंद्रपाल को एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर किया था।
खेतों में घेराबंदी और ताबड़तोड़ फायरिंग
पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि हत्या की वारदातों को अंजाम देकर फरार चल रहा संजय रणखंडा-कड़ौधा इलाके के सुनसान खेतों में दुबका हुआ है। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने रात के अंधेरे में पूरे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को पुलिस से घिरा देख संजय बिरधाना ने आत्मसमर्पण करने के बजाय सीधे पुलिस टीम पर आधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने पहले उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन जब गोलियां बरसती रहीं तो आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। इस क्रॉस फायरिंग में संजय को तीन गोलियां लगीं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
खाकी पर भी आई आंच, बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान
इस मुठभेड़ में पुलिस ने जहां सूबे के एक बड़े अपराधी का अंत किया, वहीं खाकी को भी नुकसान उठाना पड़ा। बदमाश की तरफ से चलाई गई गोलियों में से एक गोली सब-इंस्पेक्टर (SI) संयम सिंह की बाईं बाजू में जा लगी, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। इस दौरान पीएसआई मोहित और सीआईए प्रभारी निरीक्षक कर्मबीर फोगाट को निशाना बनाकर भी फायर किए गए, लेकिन गनीमत रही कि दोनों अधिकारियों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिसकी वजह से उनकी जान बच गई।
जुर्म का लंबा इतिहास: पत्नी से लेकर बाप-बेटे तक का कत्ल
मारे गए गैंगस्टर संजय बिरधाना का क्रिमिनल रिकॉर्ड बेहद खौफनाक रहा है। उसने इसी साल 31 मई को गांव दुजाना में सरेआम विजय सैनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दुश्मनी का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ; संजय साल 2021 में विजय सैनी के बेटे अनिल की हत्या का भी मुख्य आरोपी था। इतना ही नहीं, इसी साल 2 मार्च को उसने अपनी खुद की पत्नी की भी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इन खूनी वारदातों के बाद से वह लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
पुलिस कमिश्नर का बयान और आगे की तफ्तीश
मामले पर जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने बताया कि आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस की 8 टीमें लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। गुप्त सूचना पर की गई इस कार्रवाई के दौरान जब आरोपी ने हमला किया, तब पुलिस ने मजबूरन गोलियां चलाईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विजय सैनी और अंजलि हत्याकांड के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इस वारदात में शामिल और मददगार रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी तेज कर दी गई है, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।